यहां पर आपको बताएंगे कि बाढ़ प्रभावित लोग कैसे 48 घंटे के अंदर इंश्योरेंस क्लेम प्राप्त कर सकते हैं।
जिस तरह पिछले साल केरल में बाढ़ पीडि़तों को लगभग सभी बीमा कंपनियों ने क्लेम की आसान सुविधा प्रदान की थी, ठीक उसी तरह इस साल भी बीमा कंपनियों ने नया कदम उठाया है जिसके तहत 48 घंटे के अंदर बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को इंश्योरेंस क्लेम प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है और ऐसे में बीमा कंपनियां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमित क्लेम सेटलमेंट की प्रकिया में तेजी ला रही है। बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान 4 राज्य- केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में हुआ है। जिसके तहत सरकारी बीमा कंपनियों ने क्लेम सेटलमेंट में रियायत की गाइडलाइंस भी जारी की है।
देश के 4 राज्यों में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है, इसका पूरा मूल्यांकन होने में थोड़ा लंबा समय लगेगा, लेकिन कंपनियों का मानना है कि इस बार बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है और हर राज्य में 150 से 200 करोड़ तक का बीमित क्लेम हो सकता है।
बता दें कि देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस के सीएमडी अतुल सहाई के अनुसार सरकारी कंपनियों ने क्लेम सेटलमेंट में रियायत से जुड़ी गाइडलाइंस जारी की है और कंपनियों की रिपोर्ट के बाद 24-48 घंटे में क्लेम करने के लिए प्रयास करने की कोशिश की जा रही है।
अतुल सहाई के अनुसार प्रॉपर्टी से हुए नुकसान का पूरा मुल्यांकन करने में तो थोड़ा सा वक्त लगेगा, लेकिन ओडिशा के फोनी तूफान में 250 से 300 करोड़ तक का क्लेम था। इसको देखते हुए हर राज्य में 200 करोड़ तक का बीमित क्लेम हो सकता है।
बीमा क्लेम सेटलमेंट की प्रकिया को पूरा करने के लिए कंपनियों ने प्रभावित क्षेत्रों के अपने ग्राहकों को एसएमएस के जरिए सूचना भेजी है और क्लेम प्रकिया में रियायत भी दी है। यानी प्रॉपर्टी इंश्योरेंस में एफआईआर, फायर बिग्रेड रिपोर्ट की पॉलिसी होल्डर्स को छूट दी गई है। इसके अलावा देरी से सूचना देने पर भी बीमा कंपनी किसी भी तरह का चार्ज वसूल नहीं करेगी।


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