वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों और घर के मालिकों से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने बैठक में नकदी संकट, मांग में कमी और रुकी परियोजनाओं को लेकर अपनी चिंताओं को जाहिर की। सरकार ने कहा कि वह जल्दी ही रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रभावित कर रही दिक्कतों को दूर करेगी। सीतारमण ने पहली मुलाकात क्षेत्र के दो शीर्ष संगठनों क्रेडाई और नारेडको के साथ की। दूसरी मुलाकात घर के नक्शे के अधिकार से की। इसमें उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रभावित कर रही दिक्कतों और समाधान पर चर्चा की।

बैठक में आवासीय और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और आर्थिक मामलों, राजस्व, आवास, सीबीडीटी, कार्पोरेट मामलों और रेरा के शीर्ष अधिकारी भी शामिल रहे। बैठक के बाद पुरी ने मीडिया से कहा कि रियल एस्टेट उद्योग के साथ बैठक में सार्थक चर्चा हुई। हमने कई मुद्दों पर बातचीत की, कई मामलों को स्पष्ट किया। सरकार इन मुद्दों का आने वाले दिनों में समाधान निकालेगी।
उन्होंने कहा कि घर में, रुकी परियोजनाओं आदि की जो भी समस्याएं हैं, हम इनका समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कई घर खरीददारों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और कुछ मामलों में निर्णय भी आये हैं। इस कारण यह अत्यंत जटिल है। क्षेत्र में जो भी समस्याएं हैं, हम उनका समाधान निकालेंगे।
परियोजनाओं में देरी से देश भर में पांच लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं। इन परियोजनाओं को पूरा करने और घर बनाने को राहत देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एक पैसा बनाने की मांग की है। जेपी समूह के घर खरीददारों ने वित्त मंत्री को बताया कि प्रवर्तकों के पास इतनी सारी जमीनें और यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना जैसी अन्य संपत्तियां होने के बाद भी ये परियोजनाएं पूरी तरह से नहीं हो रही हैं।
क्रेडाई के अध्यक्ष सतीश मगर ने कहा कि सरकार ने रियल एस्टेट उद्योग को प्रभावित कर मुद्दों के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की। नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि चूंकि अर्थव्यवस्था के साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र संकट से गुजर रहा है, ऐसे में हम उत्साहित हैं कि वित्त मंत्री ने हमारे साथ बैठक की।


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