कहीं भी आवागमन के लिए आजकल हमें कैब का सहारा लेना पड़ता है। या यूं कहें कि टैक्सी की तलाश में हैरान परेशान ग्राहकों को ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग सर्विस राहत देती है।
नई दिल्ली: कहीं भी आवागमन के लिए आजकल हमें कैब का सहारा लेना पड़ता है। या यूं कहें कि टैक्सी की तलाश में हैरान परेशान ग्राहकों को ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग सर्विस राहत देती है। फिर वे देर रात की ट्रैवलिंग हो या एयरपोर्ट पिकअप-ड्रॉप अथवा आउटस्टेशन हायरिंग, आसानी से उपलब्ध, सुरक्षित, भरोसेमंद कैब सर्विस ग्राहकों कि परेशानी कुछ हद तक कम हुई है। ऐसे में कई बार ये भी देखा गया हैं कि आखिरी वक्त पर कैब कंपनी की ओर से आपकी बुकिंग कैंसिल कर दी जाती है। जिस कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन सब को देखते हुए राज्य सरकार ने जल्द ही नए नियम लागू करने जा रही है।

बता दें कि मध्य प्रदेश में ओला और ऊबर समेत एप से टैक्सी/कैब सेवा देने वाली कंपनियों के लिए प्रदेश सरकार नए नियम तैयार कर रही है। नए नियमों में बुकिंग रद्द करने को लेकर कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें कैब कंपनी की ओर से बुकिंग रद्द करने पर 1000 रुपए का जुर्माना शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैब कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। वहीं अधिकारियों ने इस बात की भी सुचना दी हैं कि यह नए नियम अक्टूबर तक तैयार हो जाएंगे। कानून विभाग की मंजूरी मिलते ही इनको लागू कर दिया जाएगा।
बुकिंग रद्द करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना
वहीं ओला, उबेर और इसी तरह की अन्य कैब सेवाओं के लिए अलग से लाइसेंस जारी किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन सेवाओं के लिए किसी प्रकार की भौगोलिक सीमा तय नहीं होगी। प्रदेश में इनका संचालन कहीं भी किया जा सकेगा। ऐसे में यात्रियों को भी आसानी होगी। इसी के साथ कैब कंपनी द्वारा बुकिंग रद्द करवाने के बहाने भी नहीं चलेंगे।
हालांकि अब तक ओला, उबेर समेत अन्य कैब परिवहन विभाग के उपसचिव नियाज खान के अनुसार, कंपनियों के लिए नियम नहीं हैं। अब इनके नियम तैयार किए जा रहे हैं। यह प्रावधान किया जा रहा है कि अगर कैब कंपनियों द्वारा बुकिंग रद्द की जाती है तो एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस दिशा में प्रक्रिया जारी है।


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