जैसे ही चीनी कंपनियों पर थोड़ा बहुत भरोसा होने लगता है वैसे ही कुछ न कुछ ऐसी खबर आ जाती है कि यह भरोसा फिर टूट जाता है।
जैसे ही चीनी कंपनियों पर थोड़ा बहुत भरोसा होने लगता है वैसे ही कुछ न कुछ ऐसी खबर आ जाती है कि यह भरोसा फिर टूट जाता है। जी हां नोएडा के सेक्टर-63 में फर्जी सेट टॉप बॉक्स के जरिये सरकार को सालाना लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाने वाली एक कंपनी के चीनी डायरेक्टर और एक भारतीय कर्मचारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जी न्यूज की रिर्पोट के अनुसार पुलिस ने ये कार्रवाई एक कंपनी की शिकायत पर की जिसके डाटा को चोरी कर ग्राहकों को फर्जी सेट टॉप बॉक्स के जरिये बहुत कम कीमत में ब्लूटूथ टीवी चैनलों का प्रसारण दिखाया जा रहा था।

आरोपियों से 70 से 80 हजार ऐसे सेट टॉप बॉक्स भी बरामद किए गए जिन्हें भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर दर्शकों को खुलेआम प्रतिबंधित पाकिस्तानी चैनल और अश्लील फिल्मों दिखाई जाती थीं।
आपको बता दें कि सरकारी एजेंसियों की नाक के नीचे '4 मस्कमैन इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड' नाम की इस कंपनी का धंधा कितना फलफूल रहा था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छापे के दौरान उसके दफ्तर से नोट गिनने वाली मशीन तक टूटी हुई थी। आरोप है कि कंपनी कंप्यूटर पार्ट्स के नाम से चीन से चोरी छिपे सेट टॉप बॉक्स का आयात कर कस्टम ड्यूटी की चोरी करती थी।
साथ ही यह भी आरोप है कि देश भर में फैले अपने जाल की बदौलत ये कंपनी बिना एमआरपी लिखे सेट टॉप बॉक्स को कम कीमत पर बेचकर और पे चैनलों के डेटा को चोरी कर जीएसटी की चोरी भी करती थी।
तो वहीं एक अनुमान के अनुसार पे चैनलों के डेटा की चोरी कर सब्सक्रिप्शन की रकम पर चुकाई जाने वाली जीएसटी के तौर पर ही सरकार को सालाना लगभग 2000 से 2500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। तो वहीं फर्जी सेट टॉप बॉक्स की बिक्री से सरकार को लगभग 1000 करोड़ रुपये सालाना नुकसान होने का अनुमान है।


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