पिछले कई महीनों से बीएसएनएल जो कि आर्थिक तंगी से जूझ रही है। या यूं कहें कि घाटे में चल रही। बता दें कि केंद्र सरकार बीएसएनएल के 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस देगी।
नई दिल्ली: पिछले कई महीनों से बीएसएनएल जो कि आर्थिक तंगी से जूझ रही है। या यूं कहें कि घाटे में चल रही। बता दें कि केंद्र सरकार बीएसएनएल के 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस देगी। सरकारी टेलीकॉम कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के रिवाइवल के लिए सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। रिवाइवल प्लान के तहत एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या घटाकर आधी की जाएगी।बीएसएनएल ने सिम बदलना कर दिया सस्ता, जल्दी उठाएं फायदा ये भी पढ़ें

रिटायरमेंट की उम्र कम कर 58 साल होगी
इस बात से अवगत करा दें कि इसको लेकर गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के बीच सहमति बन गई है और जीओएम ने इस प्लान को हरी झंडी दे दी है। वहीं रिवाइवल प्लान के तहत सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र कम कर 58 साल करेगी। स्पेशल केस के तहत कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र कम होगी।
इन कर्मचारियों के लिए वीआरएस स्कीम
इन सब के बीच इस बात से भी अवगत करा दें कि सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के 50 साल से ऊपर के करीब 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस स्कीम देगी। इससे दोनों कंपनियों में 85 हजार कर्मचारी ही बचेंगे। अभी दोनों में मिलाकर 1.80 लाख कर्मचारी हैं। वीआरएस पर सरकार 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार अगले 8 साल के अंदर कर्मचारियों को रकम चुकाएगी।
40 हजार के कर्ज तले दबी हैं ये कंपनियां
बता दें कि दोनों कंपनियों के रिवाइवल के लिए बैंकों के साथ लोन रीस्ट्रक्रचर करने पर भी सहमति बन गई है। एमटीएनएल के कर्ज की अवधि 4-5 साल बढ़ेगी। दोनों कंपनियों के ऊपर करीब 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। दोनों कंपनियों के मर्जर पर भी सहमति बनी है। इस स्कीम पर सरकार 1-2 हफ्ते के अंदर कैबिनेट की मंजूरी लेगी।


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