देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को अप्रैल-जून तिमाही में 2,312.20 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है।
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को अप्रैल-जून तिमाही में 2,312.20 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में बैंक को 4875.9 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। जून तिमाही में सालाना आधार पर बैंक की प्रोविजनिंग में 11 फीसदी कमी आई है। वहीं ब्याज आय भी बढ़ गई है।

एसबीआई की ब्याज आय 5.2 फीसदी बढ़ा
बता दें कि वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में एसबीआई की ब्याज आय 5.2 फीसदी बढ़कर 22938.8 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज आय 21798.4 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही आधार पर जून तिमाही में एसबीआई का ग्रॉस एनपीए 7.53 फीसदी रहा है। मार्च तिमाही में भी बैंक का ग्रॉस एनपीए इतना ही था। जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में ग्रॉस एनपीए 10.69 फीसदी था। वहीं, बैंक का नेट एनपीए 3.01 फीसदी से बढ़कर 3.07 फीसदी रहा। रुपये में एनपीए की बात करें तो बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.72 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं, बैंक का नेट एनपीए 65895 करोड़ रुपये से घटकर 65624 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग 17,335.84 करोड़ रुपये
सालाना आधार पर प्रोविजनिंग में 11 फीसदी की कमी आई है। बैंक ने जून तिमाही में 11,648.45 करोड़ की प्रोविजनिंग की है। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में बैंक की प्रोविजनिंग 13,037.90 करोउ़ रही थी। वहीं मार्च तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग 17,335.84 करोड़ रुपये थी। जबकि तिमाही आधार पर पहली तिमाही में एसबीआई का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 78.7 फीसदी से बढ़कर 79.34 फीसदी रहा। हालांकि तिमाही आधार पर एसबीआई की लोन ग्रोथ 2.3 फीसदी घट गई जबकि सालाना आधार पर एसबीआई की लोन ग्रोथ 13.8 फीसदी बढ़ गई है।


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