मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया।
नई दिल्ली: मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया। जी हां सड़कों पर ट्रैफिक रूल्स को ना मानने वाले ड्राइवरों के खिलाफ आने वाले दिनों में सरकार एक बड़ा कानून बनाने जा रही है। जिसके बाद किसी भी तरह का ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों पर 10 गुना तक जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। सड़क दुर्घटना में कमी लाने के मकसद से तैयार किया गया। आपको इस बात से अवगत करा दें कि मोटर वाहन विधेयक बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। हालांकि, छपाई में कुछ गलतियां रह जाने से उन्हें ठीक करने को तीन संशोधन लाए गए। इसलिए, अब यह विधेयक फिर से लोकसभा में जाएगा। हालांकि राज्यसभा में दोबारा रखने की जरूरत नहीं होगी।
ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वालों पर 5 से 10 गुना तक जुर्माना
इस कानून को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से बनाया जा रहा है। राज्यसभा से पास इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद देश में ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वालों पर 5 से 10 गुना तक जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। ट्रैफिक नियम जैसे खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने, हेलमेट न पहनने, रेड लाइट जंप करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट न लगाने पर पहले से लगने वाला जुर्माना कई गुना तक बढ़ जाएगा।
नियम तोड़ने पर जान लें कितना लगेगा जुर्माना
1. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दी गई है।
2. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रुपये का ज़ुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है। फिलहाल, ये ज़ुर्माना केवल 100 रुपए है।
3. तेजगति से ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है।
4. बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया।
5. तेजगति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर अधिकतम 5000 रुपये किया गया है।
6. सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया। इसे 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव है।
7. मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव है।
8. किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रुपये के ज़ुर्माने का प्रावधान है।
9. अगर नाबालिग ने ड्राइविंग की तो अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे। ऐसे में 25,000 रु के ज़ुर्माने के साथ 3 साल की जेल भी हो सकती है।
10. इसी तरह ओवरलोडिंग के लिए 20000 न्यूनतम जुर्माना के साथ-साथ 1000 रुपये प्रति टन अतिरिक्त पैसे का प्रावधान है।
11. इस बिल में सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है। इसे बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपये, जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख कर दिया गया है। इसके अलावा लाइसेंस और उसको रद्द करने के लिए भी कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
12. अब लाइसेंस लेने या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
13. लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद 1 साल तक लाइसेंस को रिन्यू यानी फिर से बनवाया जा सकेगा। अभी तक यह समय सीमा केवल 1 महीने तक की थी।
छोटे बच्चों के लिए अनिवार्य हुआ
अगर आपका भी छोटा बच्चा है तो आप इन बातों का ध्यान अवश्य रखें। नए एक्ट के सेक्शन 194-बी के तहत चार साल से बड़े बच्चें के लिए कार में सीट बेल्ट अनिवार्य कर दी गई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो वाहन मालिक पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा। यदि चार साल से बड़ा कोई बच्चा दुपहिया वाहन पर बैठा है तो उसे हेलमेट पहनाना होगा।


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