अगर आपका भी खाता यूनियन बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। जी हां सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है।
नई दिल्ली: अगर आपका भी खाता यूनियन बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। जी हां सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट में कटौती की घोषणा की है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने विभिन्न अवधि के लिए बेंचमार्क उधार दर में 0.05-0.20 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। जिसके बाद बैंक का होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सस्ता हो जाएगा। जानकारी दें कि नई दरें 1 अगस्त यानि कल से लागू होगी।

बता दें कि कटौती के बाद अब 1 साल अवधि वाले कर्ज के लिए एमसीएलआर 8.55 फीसदी से घटकर 8.50 फीसदी हो गई है। बैंक के एक दिन और एक माह की अवधि वाले लोन पर ब्याज दर घटकर 8.10 फीसदी हो गई। वहीं पहले यह ब्याज दर 8.25 फीसदी और 8.30 फीसदी थी। बैंक के तीन माह और छह माह की अवधि वाले लोन पर ब्याज दर 0.10 फीसदी घटकर क्रमश: 8.25 फीसदी और 8.35 फीसदी रह गयी।
जानकारी देना चाहेंगे कि एमसीएलआर घटने से आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसका मौजूदा लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम ईएमआई देनी पड़ती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी से अब तक रेपो दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की है। उसने भी बैंकों से इसका लाभ जल्द से जल्द ग्राहकों को हस्तांतरित करने के लिए कहा है।
एमसीएलआर क्या है?
एमसीएलआर को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं। इसमें बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। ये बैंचमार्क दर होती है। एमसीएलआर के बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं। वहीं जब एमसीएलआर कम होता है तो आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसका मौजूदा लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम ईएमआई देनी पड़ती है। बता दें कि एमसीएलआर को तय करने के लिए चार फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है। इसमें फंड का अतिरिक्त चार्ज भी शामिल होता है। निगेटिव कैरी ऑन सीआरआर भी शामिल होता है। इसके साथ ही, ऑपरेशन कॉस्ट औक टेन्योर प्रीमियम शामिल होता है।


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