नई दिल्ली। कॉफी चेन 'कॉफी कैफे डे' (सीसीडी) के फाउंडर वी जी सिद्धार्थ बीते सोमवार की शाम से लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चला है। इसी बीच वीजी सिद्धार्थ का एक पत्र सामने आया है, जो उन्होंने कंपनी के बोर्ड को 2 दिन पहले लिखा था। इस पत्र में उन्होंने काफी निराशा जाहिए की थी। 58 साल के वीजी सिद्धार्थ एशिया के सबसे बड़े कॉफी एस्टेट के मालिक हैं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद भी हैं। उनका यह पत्र न्यूज एजेंसी एएनआई ने शेयर किया है।

वीजी सिद्धार्थ का कंपनी के बोर्ड मेंबर्स लिखा गया पत्र
37 सालों तक मेहनत से अपनी कंपनियों और सहायक कंपनियों में प्रत्यक्ष रूप से 30,000 नौकरियां पैदा कीं। एक टेक्नोलॉजी कंपनी, जिसकी शुरुआत से ही मैं बड़ा शेयरहोल्डर रहा हूं, उसमें 20,000 नौकरियां पैदा करने के बावजूद मैं एक सही मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयाार करने में नाकाम रहा हूं।
मैंने अपने काम को सब कुछ दे दिया। मैं उन सभी लोगों को निराश किया है, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया। मैं काफी लंबे समय से लड़ रहा था, लेकिन अब मैंने हार मान ली है। प्राइवेट इक्विटी फर्म पार्टनर्स में से एक की ओर से शेयर बायबैक का मुझ पर काफी दबाव पड़ रहा है, जबकि ये ट्रांजैक्शन मैंने एक दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर 6 माह पहले ही पूरा दिया है। दूसरे देनदारों की ओर से पड़ रहे दबाव के चलते मैं परिस्थितियों के आगे घुटने टेक रहा हूं।
इनकम टैक्स के पूर्व डीजी की ओर से भी मैंने कई तरह के शोषण झेल है। दो मौकों पर हमारे शेयर जब्त करने की कोशिश की गई, माइंडट्री के साथ होने वाली डील को रोकने की कोशिश और फिर हमारी तरफ से रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के बाद भी सीसडी शेयरों को लेने की कोशिश की जा रही थी। ये बड़ी नाइंसाफी थी और इसे गंभीर नकदी का संकट पैदा हुआ।
मैं आप सभी को हौसला रखने और इस बिजनेस को नए प्रबंधन के साथ चलाने का आग्रह करता हूं। सारी गलतियों को मैं ही अकेला जिम्मेदार हूं। सभी वित्तीय लेनदेन मेरी जिम्मेदारी हैं। मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे द्वारा किए गए किसी भी वित्तीय लेनदेन के बारे में नहीं पता है। कानून को बस मुझे ही जिम्मेदार ठहराना चाहिए, क्योंकि मैंने ये सारी जानकारियां किसी से भी नहीं शेयर कीं, यहां तक कि अपने परिवार से भी शेयर नहीं की हैं।
मेरा इरादा किसी को धोखा देना नहीं था। मैं आंत्रप्रेन्योर के तौर पर फेल हो चुका हूं। मैं इसे स्वीकार करता हूं, और आशा करता हूं कि आप सब किसी न किसी दिन ये सब समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।
मैंने सारी संपत्तियों की एक लिस्ट बनाई है। इसमें सभी संपत्तियों की कीमत दर्ज है। हमारी संपत्तियों की कीमत हमारी देनदारियों से ज्यादा है, ऐसे में हम सभी का कर्ज चुका सकते हैं।
आपका,
वीजी सिद्धार्थ
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