एप की दुनिया पेटीएम, व्हाट्सएप, मैसेंजर जैसे मनोरंजन वाले एप के अलावा अब एक एजुकेशन एप धमाल मचा रहा है जिसका नाम है बायजू।
एप की दुनिया पेटीएम, व्हाट्सएप, मैसेंजर जैसे मनोरंजन वाले एप के अलावा अब एक एजुकेशन एप धमाल मचा रहा है जिसका नाम है बायजू। शायद आपने भी इस एप के बारे में सुना और जाना होगा। आपको बता दें कि इस एप के फाउंडर बायजू रवींद्रन हाल ही में भारत के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। जी हां ब्लूमबर्ग की रिर्पोट के अनुसार रवींद्रन की कंपनी थिंक एंड लर्न ने इस महीने 15 करोड़ डॉलर यानी 1,035 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई थी।
जिससे कि कंपनी का वैल्यूएशन 5.7 अरब डॉलर (39,330 करोड़ रुपए) हो गया। रवींद्रन के पास कंपनी के 21% से ज्यादा शेयर हैं। शिक्षक रहे रवींद्रन ने 2011 में थिंक और लर्न की स्थापना की थी। 2015 में प्रमुख लर्निंग ऐप बायजू (BYJU'S) लॉन्च किया गया था।
तो आइए जानते हैं बायजू रवींद्रन और उनके एप के सफलता के बारे में-
जगह की कमी के कारण स्टेडियम में पढ़ाते थे छात्रों को
दक्षिण भारत के तटवर्ती गांव में जन्मे रवींद्रन के माता-पिता स्कूल टीचर थे। रवींद्रन का मन स्कूल में नहीं लगता था। वे अक्सर फुटबॉल खेलने चले जाते थे। बाद में घर पर पढ़ाई करते थे। पूरी तरह से रवींद्रन इंजीनियर बन गए और परीक्षा की तैयारी में छात्रों की मदद करने लगे। उनकी कक्षाओं में स्टूडेंट इतने बढ़ गए कि स्टेडियम में एक साथ हजारों छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया गया। इस तरह रवींद्रन एक सेलेब्रिटी टीचर बन गए थे।
बच्चों के लिए करना चाहते थे काम
रवींद्रन ने एक बार कहा था कि वे देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐसा काम करना चाहते हैं जो डिज्नी ने मनोरंजन के लिए किया है। उन्होंने अपने नए लर्निंग ऐप में डिज्नी के सिंबा और अन्ना के कैरेक्टर को भी शामिल किया है। रवीन्द्रन ने कहा था कि एप के माध्यम से बच्चे सीखना शुरू करें उससे पहले सिंबा उन्हें आकर्षित करेगा।
3.5 करोड़ सब्सक्राइबर
बता दें कि बायजू के 3.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। इनमें से 24 लाख पेड यूजर हैं जो सालाना 10 हजार से 12 हजार रुपये तक फीस चुकाते हैं। इस साल मार्च तक बायजू बायजू मुनाफे में आ गया था। इसी दौरान रवींद्रन के पास पेंशन फंड और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे लंबी अवधि वाले निवेशकों को आकर्षित करना शुरु कर दिया। हाल ही में कतर में इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने उनकी कंपनी में पैसा लगाया है।
अपनी भागीदारी बरकरार रखने के लिए बायजू के पिछले फंडिंग राउंड में रवींद्रन ने खुद भी शेयर खरीदे थे। ब्लूमबर्ग के सूत्रों के मुताबिक रवींद्रन, पत्नी और भाई के पास बायजू के करीब 35% शेयर हैं।
तेजी से बढ़ रहा बायजू लर्निंग एप
जैसा कि आप जानते हैं सस्ते स्मार्टफोन और इंटरनेट प्लान की उपलब्धता की वजह से देश में ऑफलाइन लर्निंग की ग्रोथ बढ़ रही है। रवींद्रन का कहना है कि अनलाइन लर्निंग में बायजू तेजी से बढ़ रहा है। मार्च 2020 तक इसका रेवेन्यू डबल से बहुत अधिक 3,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। ऑफ़लाइन लर्निंग इंडस्ट्री की ग्रोथ ने नैस्पर्स वेंचर्स, टेनसेन्ट होल्डिंग्स, सिक्योइया कैपिटल और फेसबुक के मालिक मार्क जकरबर्ग तक का ध्यान खींचा है।
बायजू इसलिए है खास
बता दें बायजू कन्टेंट को छोटा और आकर्षक बनाकर बच्चों का ध्यान खींचती है। रवींद्रन इंग्लिश स्पीकिंग देशों में भी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने पिछले दिनों ऐलान किया था कि बायजू वॉल्ट डिज्नी कंपनी के साथ मिलकर अगले साल अमेरिका में सर्विस शुरू करेगी।
More From GoodReturns

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट: आज इन 5 सेक्टर्स के शेयरों में दिखेगी हलचल, चेक करें लिस्ट

3 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

4 अगस्त को सोने के दाम में गिरावट! क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

MV Electrosystems IPO: कल बंद हो रहा है मौका, निवेश से पहले जरूर चेक करें ये डिटेल्स



Click it and Unblock the Notifications