मारुति सुजुकी का मुनाफा वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 27 फीसदी घट गया है। इस दौरान कंपनी को 1435 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।
नई दिल्ली: मारुति सुजुकी का मुनाफा वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 27 फीसदी घट गया है। इस दौरान कंपनी को 1435 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में मारुति को 1975 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1795 करोड़ रुपये रहा था। जबकि सेल्स वॉल्यूम कमजोर रहने का असर मुनाफे पर देखने को मिला है।

मारुति का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14 फीसदी घटा
जून तिमाही के दौरान मारुति का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14 फीसदी घटकर 19720 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 22459 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था। जून तिमाही के दौरान मारुति सुजुकी का वाल्यूम सालाना आधार पर करीब 18 फीसदी घटकर 4,02,594 यूनिट रहा है। वहीं तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 12 फीसदी कमी आई है। वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च के दौरान के दौरान कंपनी ने कुल 4,58,479 यूनिट की बिक्री की थी।
ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 10.4 फीसदी
जून तिमाही में मारुति का ईबीआईटीडीए 3351 करोड़ रुपये से घटकर 2048 करोड़ रुपये रहा है। वहीं इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 10.4 फीसदी रहा है। कंपनी का कहना है कि हायर सेल्स प्रमोशंन एक्सपेंसेज, डेप्रिसिएसंश और लो कैपेसिटी यूटिलाइजेशन के चलते जून तिमाही में कंपनी के नतीजे प्रभावित हुए हैं। हालांकि विज्ञापन के खर्चों में कटौती, कास्ट रिडक्शन के दूसरे प्रयासों, कमोडिटी की कीमतों के स्थिर होने और रुपये में मजबूती की वजह से मुनाफा ज्यादा प्रभावित होने से बच गय।
वित्त वर्ष 2018-19 के आंकड़े
पूरे 2018-19 के दौरान मारुति का शुद्ध मुनाफा 7500.6 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 2.9 फीसदी कम था। वहीं कुल बिक्री बढ़कर 83026.5 करोड़ रुपये रही, जो 2017-18 से 6.3 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान कंपनी ने 4.7 फीसदी ज्यादा यानी 1862449 यूनिट बेचीं। जिसमें से 108749 यूनिट एक्सपोर्ट की गईं। रुपये की गिरावट, कमोडिटी की कीमतें और गुजरात प्लांट में कंपनी के सेकंड लाइन अप की शुरुआत के चलते पिछले वित्त वर्ष के दौरान मुनाफा घटा।


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