ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भारतीय रेल के उल्लेखनीय प्रयासों का रेलमंत्री पीयूष गोयल ने जिक्र करते हुए अगले 10 साल के अंदर इसके ग्रीन रेलवे बनने का दावा किया है।
ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भारतीय रेल के उल्लेखनीय प्रयासों का रेलमंत्री पीयूष गोयल ने जिक्र करते हुए अगले 10 साल के अंदर इसके ग्रीन रेलवे बनने का दावा किया है। यह गोयल ने खुद आज यानी शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल में बताया कि 2022 तक देश में सभी ब्रॉडगेज रेल लाइन का विद्युतीकरण हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि रेल सेवा का संचालन शत प्रतिशत बिजली से करने के बाद भी सीमावर्ती क्षेत्रों और डीजल से चलने वाली रेल सेवा बनी रहेगी। इसमें डीजल की जगह बायोडीजल का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा संयत्र लगा रहा है। इससे अतिक्रमण की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी और ऊर्जा की पूर्ति में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
आपको बता दें कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन सभी प्रयासों के बलबूते मैं यह महत्वपूर्ण घोषणा कर सकता है कि 10 साल के भीतर भारतीय रेलवे दुनिया की पहली शत प्रतिशत ग्रीन रेलवे बन जाएगी।
इसके अलावा गोयल ने एक अन्य मूल्यांकन प्रश्न के जवाब में बजट में डीजल पर लगाए गए उपकर के कारण इसकी कीमत बढ़ने से यात्री किराया बढ़ने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे के लगातार बढ़ते विद्युतीकरण की वजह से डीजल की खपत में तेजी से गिरावट आ रही है, इसलिए उड़ान में वृद्धि की कोई आशंका नहीं है।
ऊर्जा संरक्षण के मामले में भारतीय रेलवे हमेशा से ही कारगर रहा है। ग्रीन रेलवे इसी का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।यह कार्य यदि सफल होता है तो रेलवे की यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।
आपको बता दें कि रेलवे हमेशा कुछ न कुछ एक्स्ट्रा काम करता है फिर चाहे वो यात्रा को लेकर हो या समाज से जुड़े अन्य कार्यो के लिए हो।


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