नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से आधार के इस्तेमाल को लेकर दुविधा की स्थिति थी। इससे बचने के लिए मोदी सरकार की कैबिनेट ने आधार से जुड़ा एक फैसला किया है। यह 'आधार और अन्य कानूनों (संशोधन) विधेयक 2019' विधेयक है, जिसे मंजूरी दे दी गई है। इस संशोधन में साफ किया गया है कि आधार का कहां इस्तेमाल हो सकता है। पहली राज्यों को आधार के इस्तेमाल में अहमियत दी गई है। ऐसा पहली बार होगा कि आधार का इस्तेमाल कर राज्य सरकार की स्कीमों का फायदा लिया जा सकेगा।

128 करोड़ आधार बन चुके हैं
सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि आधार और अन्य कानूनों (संशोधन) विधेयक-2019 को मंजूरी दे दी है। उनके अनुसार जैसे केंद्र सरकार की स्कीमों का फायदा उठाने के लिए आधार का इस्तेमाल होता है, वैसे ही अब राज्य सरकारों की स्कीमों का फायदा उठाने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के आद केन्द्र सरकार ने यह फैसला किया है। पूरे देश में अब तक करीब 128 करोड़ आधार कार्ड जारी हो चुके हैं।
भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी
आधार कार्ड के इस्तेमाल के बाद सरकारों की सब्सिडी का इस्तेमाल सही इस्तेमाल हो पाएगा। अब जो सब्सिडी पाने का जो हकदार होंगे, उन्हीं लोगों को इसका फायदा मिल पाएगा। इससे जहां सही लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा, वहीं भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
कैबिनेट के अन्य फैसले
कैबिनेट ने इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनर्स हेल्थ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्युपेशनल हेल्थ के विलय को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने 1 अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2020 तक 1 वर्ष के लिए 50 लाख मिलियन टन चीनी के बफर स्टॉक के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताया है कि गन्ने के ज्यादा पैदावार से 2नुकसान होते हैं, या तो चीनी के दाम कम होते हैं या चीनी का स्टॉक पड़ा रहता है। इसलिए 50 लाख टन का चीनी का बफर स्टॉक बनाने का फैसला हुआ है। वहीं इस बार गन्ना किसानों के लिए इस साल भी 275 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी का फैसल भी मंजूर कर लिया गया है।
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