टाटा मोटर्स का वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर 3698 करोड़ रुपए हो गया है। बता दें कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का घाटा 1902 करोड़ रुपए रहा था।
टाटा मोटर्स का वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर 3698 करोड़ रुपए हो गया है। बता दें कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का घाटा 1902 करोड़ रुपए रहा था। टाटा मोटर्स द्वारा जारी बयान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू घटकर 61,466.99 करोड़ रुपए रह गया, जबकि बीते साल समान अवधि के दौरान यह आंकड़ा 66,701.05 करोड़ रुपए रहा था।

कंपनी ने कहा कि जून, 2019 समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बिक्री 22.7 प्रति घटकर 1,36,705 इकाई रह गई। इस अवधि के दौरान टाटा मोटर्स की ब्रिटिश शाखा जगुआर और लैंड रोवर (जेएलआर) के नतीजों ने उसे लगातार झटका दिया। अप्रैल-जून, 2019 तिमाही के दौरान जेएलआर का कर पूर्व घाटा 39.5 करोड़ पाउंड से अधिक हो गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में उसे 26.4 करोड़ पाउंड का घाटा हुआ था।
बता दें कि स्टैंडअलोन बेसिस पर देखें तो टाटा मोटर्स को तिमाही के दौरान 97.10 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि बीते साल समान अवधि में कंपनी को 1,187.65 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
इससे पहले की रेटिंग एजेंसी फिच द्वारा डाउनग्रेड किए जाने से कंपनी का शेयर 4.56 फीसदी कमजोर होकर 144.35 रुपए पर बंद हुआ। फिच ने टाटा मोटर्स के शेयर को डाउनग्रेड करने के साथ ही उसका आउटलुक भी भाकर निगेटिव कर दिया है। इंट्रा डे के दौरान शेयर ने 4.95 फीसदी की कमजोरी के साथ 143.75 रुपए का निम्नतम स्तर भी छूआ।


Click it and Unblock the Notifications