नई दिल्ली। जब पूरा देश विश्व कप क्रिकेट में जीत के सपने देख रहा था, ठीक उसी समय भारत की एक बेटी अपना पूरा दमखम लगा कर एक के बाद स्वर्ण पदक जीत रही थी। लेकिन किसी का इस बात पर ध्यान नहीं जा रहा था। लेकिन जैसे ही क्रिकेट में हार मिली, तब सबको यह गोल्ड मेडल याद आए और उसी के सहारे गम दूर करने की कोशिश करने लगे। यह थी असम की हिमा दास, जिसने सिर्फ 3 हफ्ते में ही 5 स्वर्ण पदक जीत लिए। अब उसको मेहनत का फल मिल रहा है। कंपनियों ने उसके विज्ञापनों का रेट बढ़ा दिया है। हिमा दास को अब हर विज्ञापन के लिए कंपनियां 30 लाख रुपये की जगह 60 लाख रुपये तक का ऑफर दे रही हैं। जानकारों का कहना है कि जिस तरह का प्रदर्शन हिमा दास कर रही हैं, उससे आगे उनके कई रिकॉर्ड बनाने की संभावना है, जिससे उनकी ब्रांड वैल्यू और बढ़ेगी।

देश की पहली महिला धावक बनी
हिमा दास देश की पहली महिला धावक हैं, जिन्होंने 20 साल से कम उम्र में 400 मीटर की रेस में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडल जीता है। अभी तक देश में ऐसा कोई भी नहीं कर पाया था। यही नहीं हिमा दास ने सिर्फ जुलाई 2019 में ही 5 स्वर्ण पदक जीत लिए हैं। इसी का असर कि हिमा दास को विज्ञापनों से मिलने वाली राशि भी एक माह के अंदर ही बढ़कर दोगुनी हो गई है।
क्रिकेट का अभी भी दबदबा कायम
विज्ञापन की दुनिया में देश में क्रिकेट का अभी दबदबा कायम है। देश में सिर्फ एक क्रिकेट खेल के खिलाड़ियों को 133 विज्ञापन मिले हैं, जबकि बाकी खेलों में मिलाकर कुल 86 विज्ञापन दिए गए हैं। अन्य गैर क्रिकेटर खिलाडि़यों में बैडमिंटन की पीवी सिंधु, सायना नेहवाल हैं तो टेबल टेनिस से मनिका बत्रा को विज्ञापन मिले हैं। वहीं बॉक्सिंग में मैरी कॉम और बिलियर्ड में पंकज अडवानी शामिल हैं।
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