मोदी सरकार बेरोजगारी कम करने के मामले में विफल नजर आ रही है। हाल ही के एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया हैं कि आनेवाले चार सालों में देश में नौकरियों पर संकट मंडरा सकता है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार बेरोजगारी कम करने के मामले में विफल नजर आ रही है। हाल ही के एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया हैं कि आनेवाले चार सालों में देश में नौकरियों पर संकट मंडरा सकता है। या यूं कहें कि कुछ महीनों तक जॉब मार्केट पस्त रहने वाला है। ईटी के लिए एक्सक्लूसिव टीमलीज सर्विसेज की दो रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोजगार सृजन करने वाले दो प्रमुख सेक्टर आने वाले समय में इस मामले में काफी सुस्त रह सकते हैं। इस मामले में ई-कॉमर्स, बीएफएसआई(बैंकिंग, फाइनैंशल सर्विसेज और इंश्योरेंस) और बीपीओ-आईटी इनेबल्ड सर्विसेज सेक्टरों के लिए आने वाला समय ठीक नहीं है। वर्ष 2018-22 के अनुमानों से तुलना करें तो 2019-23 के दौरान इन सेक्टरों में जॉब क्रिएशन में 37 फीसदी की कमी दर्ज की जा सकती है।
इन सेक्टरों में हो रहे कम जॉब्स पैदा
इस बात की जानकारी दें कि मार्केटिंग, ऐडवर्टाइजिंग, ऐग्रिकल्चर ऐंड ऐग्रोकेमिकल्स, नॉलेज प्रॉसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ), इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी, मीडिया ऐंड एंटरटेनमेंट और हेल्थकेयर व फार्मा सेक्टरों में कम जॉब्स पैदा हो रहे हैं। टीमलीज सर्विसेज ने दो रिपोर्टों को मिलाकर आंकड़े जुटाए हैं। ये रिपोर्ट्स हैं- द जॉब्स ऐंड सैलरीज प्राइमर 2019 और एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट, HY1, 2019-20। आंकड़ों में पर्मानेंट और टेंपररी, दोनों जॉब्स शामिल हैं।
कर्मचारियों में विशेष स्किल्स वालों की सैलरी ग्रोथ अच्छी
बता दें कि टीमलीज की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा, अगले चार साल के लिए हमारा आकलन यह कहता है कि अगर एंप्लॉयर और नीति निर्माता आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) या रोबॉट आधारित ऑटोमेशन के असर को कम करने विए उचित कदम नहीं बढ़ाते हैं तो लॉन्ग टर्म में ज्यादातर सेक्टरों में जॉब क्रिएशन घटेगा। वहीं रितुपर्णा ने आगे कहा, शॉर्ट टर्म की बात करें तो अप्रैल से सितंबर की अवधि में हायरिंग बढ़ने की गति अच्छी रहेगी। सर्वे में शामिल 95 फीसदी एंप्लॉयर्स में इन 6 महीनों में हायरिंग बढ़ाने का ट्रेड दिखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन कर्मचारियों में विशेष स्किल्स हैं उनकी सैलरी ग्रोथ अच्छी है, जबकि साधारण स्किल्स के साथ काम करने वालों की सैलरी बढ़ने की रफ्तार कम है।
कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर में 44% नौकरियों की वृद्धि
रोजगार के इस संकट का सबसे ज्यादा असर एग्रीकल्चर और एग्रोकेमिकल सेक्टर पर पड़ सकता है। वहीं रिपोर्ट की मानें तो इस क्षेत्र में आने वाले सालों में 70% तक नौकरियों में गिरावट आ सकती है। जबकि कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर में 44% नौकरियों की वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोमोबाइल और अलाइड इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा नौकरियों के मौके मिल सकते हैं। लेकिन इस सेक्टर में ग्रोथ की बात करें तो यह सिर्फ 10% ही रहेगी।
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