नई दिल्ली। पाकिस्तान की बिगड़ती स्थिति का अब अमीरों पर भी असर पड़ने लगा है। इनकी आर्थिक स्थिति पर फर्क पड़ने का असर कारों की बिक्री पर पड़ रहा है। यही कारण है कि पाकिस्तान की कार कंपनियों ने अपना उत्पादन कम करने के लिए फैक्ट्रियों को महीने में कुछ दिन बंद रखने का फैसला किया है। पाकिस्तानी मुद्रा डॉलर के काफी कमजोर हो चुकी है। इस वक्त 1 अमेरिकी डॉलर के बदल 150 पाकिस्तानी रुपया मिल रहा है। यह अंतर कुछ माह पहले 100 पाकिस्तानी रुपये के स्तर पर था। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की इस कमाजेरी के चलते पाकिस्तानी कार बाजार की कमर टूट गई है।

बिना बिकी कारों का बढ़ रहा स्टॉक
पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, होंडा अटलस कार पाकिस्तान (एचएसीपी) ने कहा है कि उसने अपनी कार फैक्ट्री को बीते शुक्रवार से दस दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी के अनुसार उसके पास अभी 2000 कारें बिना बिक्री के स्टॉक में हैं। इसके चलते उसने कारों के उत्पादन पर अस्थायी रोक लगा दी है। ऐसे ही, पाकिस्तान में टोयटा की कार बनाने वाली इंडस मोटर कंपनी (आईएमसी) ने कहा है कि कंपनी ने मौजूदा 1 महीने में 8 दिन कारों का उत्पादन रोकने का फैसला लिया है। अब कंपनी में हफ्ते में 5 दिन ही कारों का उत्पादन होगा।
मजबूरी में लेना पड़ा फैसला
पाकिस्तान सुजुकी मोटर कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार कारों के उत्पादन में कटौती की जाए या नहीं, इस पर कंपनी जल् ही फैसला करेगी। इस फैसले से पहले कंपनी जुलाई में अपनी कारों की बिक्री पर नजर डालेगी। एचएसीपी और आईएमसी के कई अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर डॉन को बताया है कि जुलाई के पहले 10 दिनों में बिक्री में बेहद कमी है, ऐसे में कारों का उत्पादन कम किया जा सकता है।
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