नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने पीएम किसान योजना को लेकर राज्यों से कहा है कि वे इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए राज्य लाभार्थी किसानों के नाम जल्द भेजें। पीएम किसान योजना के तहत देश के किसानों को रह साल 6000 रुपये मिलेगा। यह पैसा उन्हें 3 किस्तों में दिया जाएगा। अनुमान है कि इस योजना पर करीब 87,000 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। यह योजना मोदी सरकार फरवरी में पेश अंतरिम बजट में लाई थी। इस योजना का लाभ देश के 14.5 करोड़ किसानों को मिलना है।

राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने पीएम किसान योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 87,000 करोड़ रुपए किसानों की जेब में जाएंगे। उन्होंने इस कार्यक्रम को तेजी से लागू करने की बात करते हुए कहा कि इस योजना का फायदा हर पात्र किसान को मिले, इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। बजट में इसके लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है।
अभी तक ले चुके हैं करीब साढ़े तीन करोड़ फायदा
कृषि मंत्रालय के अनुसार 5 जुलाई तक 3.56 करोड़ किसानों को पहली किस्त के रूप में 7,120 करोड़ रुपये दिया जा चुकहा है। वहीं दूसरी किस्त के रूप में 3.10 करोड़ किसानों को 6,215 करोड़ रुपये दिया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने राज्यों से जुलाई के अंत तक सभी लाभार्थी किसानों की सूची भेजने को कहा है। अगर यह सूची समय से मिल जाती है तो लाभार्थी किसानों को अप्रैल-जुलाई की 2,000 रुपये की किस्त उपलब्ध करा दी जाएगी।
पश्चिम बंगाल नहीं जुड़ा इस योजना से
कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल अभी तक पीएम किसान योजना से नहीं जुड़ा है। इस अधिकारी के अनुसार देशभर से अभी तक 43 फीसदी लाभार्थियों की ही सूची मिल सकी है। उसके अनुसार बिहार में अनुमानित करीब 1.63 करोड़ पात्र लाभान्वित में से केवल 8.38 लाख किसानों के नाम ही मिले हैं। वहीं आम चुनाव 2019 के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्य पीएम किसान योजना से जुड़ने के लिए तैयार हो गए। पीएम किसान योजना का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को मिल रहा है।
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