इस बार के रक्षा बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्रालय के लिए कुछ खास घोषणा नहीं की।
नई दिल्ली: इस बार के रक्षा बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्रालय के लिए कुछ खास घोषणा नहीं की। वहीं लोगों को उम्मीद थी कि इस बार के रक्षा बजट में वो भी कुछ न कुछ बढ़ोतरी जरूर करेंगी। जिससे सेनाओं को उपकरण खरीदने और अपने को और आधुनिक करने में मदद मिलेगी। संसद में पेश किए जाने वाले बजट के दौरान सभी की निगाहें इस पर लगी थीं मगर उनको निराशा ही हाथ लगी। इतना ही नहीं पूरे बजट के दौरान उन्होंने डिफेंस के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिलीज में सिर्फ एक बात का ही जिक्र किया गया कि भारत में निर्मित रक्षा उपकरण मूल सीमा शुल्क से मुक्त नहीं रखे जाएंगे।
बीते 6 सालों में जबकि रक्षा बजट में बढ़ोतरी हुई
बता दें कि रक्षा मंत्री रहते हुए राजनाथ सिंह ने एक व्यवस्था लागू की थी कि अब तीनों सेना प्रमुख 300 करोड़ रूपये तक की खरीद फरोख्त अपने स्तर से कर सकते हैं। उनको इसके लिए किसी तरह के एप्रुवल की जरूरत नहीं होगी। वो अपने हिसाब से सेना के लिए जरूरी उपकरण खरीद सकेंगे। पिछली बार रक्षा बजट 2.7 लाख करोड़ रूपये का था जो अब बढ़कर 3 लाख करोड़ रूपये तक पहुंच चुका है। यदि बीते 6 सालों के बजट को देखें तो हर बार के रक्षा बजट में बढ़ोतरी हुई है मगर इस बार रक्षा मंत्री ने इसमें कुछ बढ़ोतरी नहीं की। रक्षा मामलों से जुड़े लोगों ने इस पर हैरानी भी जताई है।
रक्षा बजट में साल दर साल बढ़ोतरी
2019-20: वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए रक्षा बजट में 6.87 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और यह 3.18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ये मोदी सरकार का अंतरिम बजट था जिसे पीयूष गोयल ने पेश किया था।
2018-19: बता दें कि सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में रक्षा बजट के लिए 2.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे जो पिछले साल के 2.74 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.81 फीसदी ज्यादा थे।
2017-18: वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रक्षा क्षेत्र के लिये 2 लाख 74 हज़ार करोड़ रुपये आवंटित किये थे। यह कुल बजट राशि का 12.78 प्रतिशत और जीडीपी का 1.56 फीसदी था।
2016-17: वित्त वर्ष 2016-17 में रक्षा बजट में कुल 9.3 प्रतिशत का इज़ाफा किया गया और यह बढ़ कर 2 लाख 56 हज़ार करोड़ हो गया।
2015-16: वित्त वर्ष 2015-16 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रक्षा बजट 2 लाख 46 हज़ार करोड़ रुपये किया गया था।
2014-15: मोदी सरकार ने 2014-15 में रक्षा बजट 2 लाख 29 हज़ार करोड़ कर दिया। रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी 10 प्रतिशत की थी।
सबसे ज्यादा खर्च रक्षा क्षेत्र में ये देश करते हैं
- अमेरिका का रक्षा बजट 39 लाख करोड़ रुपये
- चीन का रक्षा बजट 11.4 लाख करोड़ रुपये
- सऊदी अरब का रक्षा बजट 3.6 लाख करोड़ रुपये
- भारत का रक्षा बजट 3.2 लाख करोड़ रुपये
- यूके का रक्षा बजट 2.9 लाख करोड़ रुपये
- रूस का रक्षा बजट 2.9 लाख करोड़ रुपये
- जापान का रक्षा बजट 2.8 लाख करोड़ रुपये
- दक्षिण कोरिया 2.8 लाख करोड़ रुपये
- जर्मनी का रक्षा बजट 2.5 लाख करोड़ रुपये
- फ्रांस का रक्षा बजट 2.4 लाख करोड़ रुपये
More From GoodReturns

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
