मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट 5 जुलाई को पेश होने जा रहा है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट 5 जुलाई को पेश होने जा रहा है। बता दें कि यह बजट देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पेश करने जा रही है। जबकि चुनाव से पहले एक फरवरी को तत्कालीन सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। इस बजट वित्त प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कंपनियों को चालू वित्त वर्ष के आगामी पूर्ण बजट में कर राहत के साथ-साथ नए सुधारों की उम्मीद है। इसमें कोष तक पहुंच और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने जैसे सुधार शामिल हैं।

जानकारी दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार का यह बजट ऐसे समय आ रहा है। जब देश में उपभोग मांग तेजी से नहीं बढ़ रही है, निवेश सिकुड़ रहा है जबकि निर्यात की गति सुस्त पड़ी है। बता दें कि लॉयल्टी कार्यक्रम कंपनी पेबैक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम कौशिक ने कहा कि पूर्ण बहुमत के साथ जीतकर आए प्रधानमंत्री मोदी के पास दूसरे कार्यकाल में नीति के मामले अधिक कड़े निर्णय लेने का अवसर है।
वहीं उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं कि सरकार अर्थव्यवस्था के लिए कड़े सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी, क्योंकि उसके सामने घरेलू उपभोग और निवेश वृद्धि की गति धीमी पड़ना, कमजोर वैश्विक आर्थिक हालत और निर्यात घटना जैसी बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही जो पांच साल का निचला स्तर और 2017-18 के 7.2 प्रतिशत की दर से काफी कम है।
हालांकि ठीक इसी तरह की बात माईलोनकेयर डॉट इन के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव गुप्ता का कहना है। उन्होंने कहा उम्मीद है बजट में अंतरिम बजट की अवधारणा को बनाए रखा जाएगा। इसमें करदाताओं को कर में छूट, राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रखने, किसानों को सहायता देने और डिजिटलीकरण को बढ़ाने की बात की गयी थी।


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