इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योजना बनाने की जरूरत है।
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योजना बनाने की जरूरत है। जी हां टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ओर शिफ्ट होने के लिए एक व्यवस्थित योजना बनाई जानी चाहिए। जिसमें कई वर्षों की रूपरेखा के जरिये समूची व्यवस्था को इसके लिए तैयार किया जा सके। उद्योग के अन्य लोगों ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की है। इस बात की जानकारी दें कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को ऐसे समय में कहा जब दोपहिया कंपनियों हीरो मोटोकॉर्प, बजाज आटो, टीवीएस मोटर कंपनी और होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने नीति आयोग के 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की योजना का विरोध किया है। बता दें कि नीति आयोग की योजना 2025 तक 150 सीसी तक के इंटर्नल कम्बशन इंजन (आईसीआई) से चलने वाले दोपहिया पर पूर्ण प्रतिबंध की है।

सरकार और उद्योग को इसके लिए कई वर्षों की रूपरेखा तय करें
इस दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने अपने बयान में कहा कि दीर्घकालिक परिवहन के लिए ईवी की तरफ शिफ्ट होना बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन इसके लिए योजना बनाई जानी चाहिए। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र इसके लिए तैयार है। वहीं चंद्रशेखरन ने कहा कि सरकार और उद्योग को इसके लिए कई वर्षों की रूपरेखा तय करनी चाहिए। इसमें लक्ष्य तय किए जाने चाहिए जिसमें सभी खिलाड़ी साझा उद्देश्यों को समझ सकें, क्षमता और ढांचा तैयार कर सकें। जानकारी दें कि इससे पहले मर्सिडीज बेंज, टोयोटा, होंडा जैसी वाहन कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने की मांग कर चुकी हैं।
चंद्रशेखरन: सरकार और उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत
इतना ही नहीं जानकारी दें कि टाटा समूह की टाटा मोटर्स देश में बिजलीचालित वाहन क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। टाटा मोटर्स को एक अन्य घरेलू कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की ईईएसएल से इलेक्ट्रिक कारों की आपूर्ति का आर्डर मिला है। इन कारों का इस्तेमाल विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उचित प्रोत्साहनों के जरिये इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मांग बनाई जानी चाहिए। वहीं चंद्रशेखरन ने कहा कि ऐसे में सरकार और उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत है।


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