नई दिल्ली। अगर सरकार और सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां अपनी योजना पर आगे बढ़ती हैं पेट्रोल पंप का कारोबार कठिन हो जाएगा। ध्यान रहे कि सरकार देश में पेट्रोल पंप की संख्या दोगुनी करने का इरादा रखती है। इसके लिए सरकार ने 78,493 खोलने के लिए आवेदन मांगे थे। अगर यह पेट्रोल पंप खुल जाते हैं तो देश में पेट्रोल पंप का कारोबार कठिन हो जाएगा, क्योंकि अभी देश में 64,624 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से ढेर सारे मुनाफे में नहीं हैं। ऐसे से में अगर नए पेट्राेल पंप खुलते हैं तो न सिर्फ यह दिक्कतों का सामना करेंगे, बल्कि पुराने भी दिक्कत में आ जाएंगे।

क्रिसिल की रिपोर्ट में खुलासा
क्रिसिल रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में देश में पेट्रोल पंपों की संख्या को डबल करने की सरकार की स्कीम को आर्थिक तौर गलत बताया है। क्रिसिल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अधिक संख्या में पेट्रोल पंप केवल एक-दूसरे की बिक्री काटेंगे और मुनाफा प्रभावित करेंगे।
इन 3 कंपनियों ने निकाला है विज्ञापन
सार्वजनिक क्षेत्र की 3 तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पिछले साल नवंबर में देश में 78,493 और पेट्रोल पंप खोलने के लिए विज्ञापन जारी किया था, जबकि पहले से ही देश में 64,624 पेट्रोल पंप मौजूद हैं।
निजी क्षेत्र की ऑयल कंपनियां कर रही हैं विस्तार
रिपोर्ट में कहा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र की 3 ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के जरिए विस्तार के अलावा, निजी सेक्टर की कंपनियां भी पेट्रोल पंप का विस्तार कर रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और बीपी पीएलसी का ज्वाइंट वेंचर और नायरा एनर्जी लिमिटेड दोनों अगले 3 सालों में 2000-2000 पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम कर रही हैं। वहीं रॉयल डच शेल पीएलसी इस दौरान 150 से लेकर 200 पेट्रोल पंपों शुरू करेगी। पेट्रोल पंप खोलने के अलावा पेट्रोलियाम कंपनियां उन तमाम पेट्रोल पंप को बंद करने की योजना पर भी काम कर रही हैं, जिनकी बिक्री कम है। निजी कंपनियों से उम्मीद है कि वे अपनी योजना और पेट्रोल पंप लाइसेंस के आधार पर वित्तीय वर्ष 2030 तक 7,500 से लेकर 8,000 पेट्रोल पंप खोल लेंगी।
जानिए कैसे होगा कारोबार प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण से पता चलता है कि इकोनॉमिक्स के आधार पर 78,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों को खोलना ठीक नहीं है। क्रिसिल रिसर्च के अनुसार, प्रस्तावित योजना के अनुसार लगभग 30,000 पेट्रोल पंप ही खुलने चाहिए। क्रिसिल रिसर्च ने यह आकलन पेट्रोल पंप शुरू होने पर होने वाले निवेश और डीलर के स्वामित्व और परिचालन (मॉडल के आधार पर किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अगर प्रस्तावित पेट्रोल पंप के मुकाबले केवल 30 फीसद यानी लगभग 30 हजार पेट्रोल पंप ही खोले जाते हैं, तो ये 12 साल से अधिक समय में प्रॉफिट कमाने की स्थिति में आएंगे। हालांकि इन पेट्रोल पंप पर डीलर का मार्जिन 12 से लेकर 15 फीसद पर स्थिर रहेगा। लेकिन अगर प्रस्तावित योजना में से 50 फीसदी पेट्रोल पंप खोले जाते हैं, तो नए पेट्रोल पंप की बिक्री कुछ साल तक तो उम्मीद से भी कम ही रहेगी। इसका मतलब है कि इनको प्रॉफिट में आने में कुछ और समय लगेगा।
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