नई दिल्ली। जी हां, दुनिया के एक देश का यही हाल। यह देश है वेनेजुएला, जहां आजकल महंगाई के चलते अराजकता की स्थिति है। महंगाई का आलम यह है कि एक लीटर के लिए लोगों को 1 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, वहीं एक किलो मीट के लिए तो 3 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। हालात यह है कि एटीएम से पैसा निकालना किसी काम का नहीं रह गया है। क्योंकि एटीएम जितना पैसा दे रहा है उसमें कुछ भी नहीं आ पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ देश के प्रमुख निकोलस मदुरो पर चोरी से देश का सोना बेचने का आरोप लग रहा है। ध्यान रहे कि इस देश पर अमेरिका ने वित्तीय प्रतिबंध लगा रखा है, जिससे स्थिति रोज बिगड़ रही है।

अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच अफ्रीका भेजा सोना
जानकारी है कि वेनेजुएला की निकोलस मदुरो सरकार ने चोरी से देश के गोल्ड भंडार में से काफी मात्रा में सोना बेच दिया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने अमेरिकी प्रतिबंधों से बचते हुए पूर्व अफ्रीका को यह गोल्ड बेचा है। वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी रिपोर्ट के अनुसार वेनेजुएला और युगांडा के अधिकारियों का कहना है कि दो जहाजों से 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा की कीमत का 7.4 टन गोल्ड चोरी से युगांडा की एक रिफाइनरी को दिया गया है।
अमेरिका ने लगा रखा हैं आर्थिक प्रतिबंध
युगांडा के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार पार्सल से जुड़े पेपरवर्क के कारण गोल्ड बार होने की जानकारी मिली है। इनमें से कुछ गोल्ड पर वेनेजुएला केंद्रीय बैंक की संपत्ति की मुहर भी लगी हुई थी। अमेरिका ने वेनेजुएला के विपक्षी दल के नेता जुआन गुएडो को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे रखी है और मदुरो सरकार पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रतिबंधों के बावजूद देश का कई टन गोल्ड बेचा जा चुका है। एक सांसद के अनुसार मदुरो सरकार बचे हुए खजाने का इस्तेमाल मनमानी से कर रही है और नकदी के लिए देश का सब कुछ बेचने को तैयार हैं।
वेनेजुएला में चल रही लड़ाई देश के बाहर आई
वेनेजुएला में जुआन गुएडो और राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के बीच संघर्ष की स्थिति है। अमेरिका सहित 50 देश विपक्षी नेता गुएडो के पक्ष में खडे हैं, जबकि कुछ मदुरो का समर्थन कर रहे हैं। युगांडा पुलिस का दावा है कि सोना अफ्रीकी गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड भेज गया है। यह रिफाइनरी हवाई अड्डे से केवल 500 गज की दूरी पर है।
अफ्रीकी गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड का इनकार
अफ्रीकी गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड अपने सोने की आपूर्ति कई अमेरिकी कंपनियों को करती है। साल 2018 में करीब 237 अमेरिकी कंपनियों की आपूर्ति चेन में सार्वजनिक तौर पर अफ्रीकी गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड का नाम सामने आया है। कंपनी की महाप्रबंधक चेरी एने डैकडैक का बयान है कि कंपनी तस्करी या संघर्षरत क्षेत्र से लाए गए सोने का इस्तेमाल नहीं करती है।
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