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लगभग दो साल के निचले स्तर पर पहुंची थोक मुद्रास्फीति

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नई द‍िल्‍ली: थोक मुद्रास्फीति मई में पिछले 22 महीने के निचले स्तर पर गिरकर 2.45 प्रतिशत पर रही। जबकि पिछले माह अप्रैल में यह 3.07 फीसदी थी। वहीं बात करें पिछले साल की तो समान अवधि यानी मई 2018 के मुकाबले में भी इसमें बड़ी गिरावट आई है। मई 2018 में थोक महंगाई दर 4.78 फीसदी थी। वहीं जुलाई 2017 में थोक महंगाई दर 1.88 फीसदी थी।

थोक मुद्रास्फीति मई में 2.45 प्रतिशत पर पहुंची

 

दाल की कीमतों में आया उछाल

बता दें आपको कि वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मई माह में सुपारी 5 फीसदी, फल और सब्जियां 2 फीसदी, चाय और गेहूं 1 फीसदी सस्ते हुए हैं। हालांकि, दाल समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में उछाल आया है। वहीं आंकड़ों के अनुसार, मई माह में मछली और अन्य समुद्री खाद्य पदार्थ 7 फीसदी, अरहर दाल, 5 फीसदी, उड़द, मटर, बाजर 4 फीसदी, अंडा 3 फीसदी, मसूर-मूंग दाल 2 फीसदी महंगे हुए हैं।

खुदरा महंगाई दर 7 महीने में सबसे ऊपर ये भी पढ़ें

सालाना आधार में देखे तो थोक महंगाई दर में करीब 5 गुना बढ़ोतरी

इस बात की भी जानकारी दें कि वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, खाद्य पदार्थों की कीमतों में अप्रैल माह के मुकाबले मई माह में कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खाद्य पदार्थों की थोक महंगाई दर 7.37 फीसदी थी जो मई माह में घटकर 6.99 फीसदी पर आ गई है। यदि सालाना आधार पर बाद की जाए तो थोक महंगाई दर में करीब 5 गुना बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल मई माह में थोक महंगाई दर 1.74 फीसदी थी जो इस साल बढ़कर 6.99 फीसदी पर पहुंच गई है।

क्रूड ऑयल समेत पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में उछाल

हालांक‍ि आंकड़ों के अनुसार, मई माह में क्रूड ऑयल समेत एलपीजी, केरोसिन, नेचुरल गैस की कीमतों में उछाल आया है। आंकड़ों के अनुसार, मई माह में क्रूड ऑयल 5 फीसदी, नेचुरल गैस 1 फीसदी, नेफ्था 4 फीसदी, एटीएफ 3 फीसदी, एलपीजी 1 फीसदी, केरोसिन 1 फीसदी, फर्नेस ऑयल 1 फीसदी महंगे हुए है।

 

आरबीआई ने 2019-20 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 3 से 3.1 % का अनुमान लगाया

बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े भी जारी किए गए थे। मई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति सात महीने के उच्च स्तर यानी 3.05 प्रतिशत पर रही थी। भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति को तय करने में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर भी गौर करता है। छह जून को जारी मौद्रिक समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर या रेपो दर को घटाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया था जो पहले छह प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक ने 2019-20 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 3 से 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

English summary

Wholesale Inflation Eased To Almost Two-Year Low Of 2.45 Percent In May

Inflation based on wholesale price was at 22-month low of 2.45 percent in May।
Story first published: Friday, June 14, 2019, 16:11 [IST]
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