मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब किसान क्रेडिट कार्ड की अर्जी देने के 14 दिन के भीतर किसानों को कार्ड मिलेगा।
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब किसान क्रेडिट कार्ड की अर्जी देने के 14 दिन के भीतर किसानों को कार्ड मिलेगा। जी हां सरकार ने बैंको को योग्य किसानों के पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन मिलने के 2 हफ्ते के भीतर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी करने का निर्देश दिया है। जानकारी दें कि इस समय 6.95 करोड़ केसीसी चल रहे हैं, जिसके तहत फसलों के लोन सब्सिडी ब्याज दर पर दिए जाते हैं। केसीसी का विस्तार पशुपालन और मत्स्य गतिविधियों में शामिल किसानों के लिए भी किया गया है।
आवेदकों के आधार कार्ड नंबर का विवरण भी रखा जाएगा
वहीं कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉली चक्रवर्ती ने बैंकों को पत्र लिख कर कहा हैं कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास संस्थागत ऋण तक पहुंच नहीं है। क्योंकि उन्हें केसीसी जारी नहीं किया गया है या पहले जारी किए गए केसीसी डिफ़ॉल्ट/नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स के अलावा विभिन्न कारणों से निष्क्रिय थे। सरकार ने इसलिए केसीसी के तहत वित्तीय समावेशन के लिए किसानों को संतृप्त करने का एक अभियान शुरू करने का फैसला किया। सरकार ने कहा है कि चूंकि केसीसी से प्राप्त कर्ज सब्सिडी वाली ब्याज दरों के योग्य होंगे, इसलिए आवेदकों के आधार कार्ड नंबर का विवरण भी रखा जाएगा।
एग्रीकल्चर लोन पर 9 फीसदी की ब्याज दर
आमतौर पर, एग्रीकल्चर लोन पर 9 फीसदी की ब्याज दर लगती है। लेकिन सरकार किसानों को 7 फीसदी प्रति वर्ष की प्रभावी दर पर 3 लाख रुपये तक का शॉर्ट टर्म फार्म लोन प्राप्त करने के लिए 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी प्रदान कर रही है। किसानों को नियत तारीख के भीतर लोन के रिपेमेंट के लिए 3 फीसदी का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4 फीसदी रह जाती है।
नजदीकी शाखा में तुरंत खाता खोला जाएगा
बता दें कि सरकार द्वारा निर्देशों में कहा गया है कि केसीसी के लिए एप्लीकेशन इकट्ठा करने के लिए बैंक गांवों में शिविर लगाएं। केसीसी को उस शाखा से समयबद्ध तरीके से जारी करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां किसान का पहले से ही खाता है। यदि पात्र किसान का कोई बैंक खाता नहीं है, तो उसे ब्लॉक के भीतर उसकी पसंद की किसी भी नजदीकी शाखा में तुरंत खोला जाएगा।
केसीसी के जरिए लोन लेने पर महज चार फीसदी ही ब्याज देना
जानकारी दें कि किसान यदि महाजन से उधार लेता है तो उसे सालाना करीब 24 फीसदी ब्याज चुकाना पड़ता है, लेकिन केसीसी के जरिए लोन लेने पर उसे सालाना महज चार फीसदी ही ब्याज देना होता है। उदाहरण के लिए, यदि इस समय बैंक फसली ऋण पर सालाना नौ फीसदी सलाना ब्याज वसूलते हैं तो किसानों को सिर्फ चार फीसदी ब्याज ही देना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरू में ही ब्याज में दो फीसदी की सब्सिडी मिल जाती है। उसके बाद यदि किसान समय पर ऋण का भुगतान करते हैं तो उन्हें ब्याज में तीन फीसदी की और छूट दी जाती है।
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