खाद्य पदार्थो के दाम बढ़ने के कारण बीते महीने मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.05 फीसदी हो गई।
नई दिल्ली: खाद्य पदार्थो के दाम बढ़ने के कारण बीते महीने मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.05 फीसदी हो गई। जी हां लोगों को बढ़ती महंगाई का झटका लगा है। बात करें दाल और अनाज की कीमतों कि तो बढ़ने से मई महीने में खुदरा महंगाई दर में जबरदस्त उछाल आया है। जी हां खुदरा महंगाई दर 2.92 फीसदी से बढ़कर 3.05 फीसदी हो गई है। वहीं मई महीने में कोर सीपीआई अप्रैल के 4.6 फीसदी से घटकर 4.2 फीसदी पर रही है। दूसरी तरफ, औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल में 3.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा खाद्य पदार्थों की महंगाई दर बीते महीने 1.1 फीसदी से बढ़कर 1.83 फीसदी पर रही, जबकि सब्जियों की महंगाई 2.87 फीसदी से बढ़कर 5.46 फीसदी पर पहुंच गई है।

मार्च 2019 में फैक्टरी उत्पादन वृद्धि दर 0.35 फीसदी
हालांक देश के औद्योगिक उत्पादन में इस साल अप्रैल में 3.4 फीसदी की मासिक वृद्धि दर्ज की गई। सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2019 में फैक्टरी उत्पादन वृद्धि दर 0.35 फीसदी थी। हालांकि, सालाना आधार पर देश के औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार पिछले साल से मंद रही। जबकि पिछले साल अप्रैल में जहां औद्योगिक उत्पादन में 4.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी वहां इस साल अप्रैल में 3.4 फीसदी रही।
अरहर दाल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर खुदरा महंगाई पर साफ दिखा
जबकि मई में ईंधन और बिजली की महंगाई दर 2.56 फीसदी से घटकर 2.48 फीसदी पर आ गई। जबकि हाउसिंग की महंगाई दर अप्रैल के मुकाबले मई महीने में 4.76 फीसदी से बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गई। जानकारों की मानें तो अरहर दाल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर खुदरा महंगाई पर साफ दिख रहा है। अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर 2.92 फीसदी थी। जो मई में 3.05 फीसदी पर पहुंच गई।
6 महीने के उच्चतम स्तर पर
इसस पहले अक्टूबर 2018 में खुदरा महंगाई दर 3.38 फीसदी थी। यानी पिछले 7 महीने में खुदरा महंगाई दर मई में सबसे उच्च स्तर पर है। हालांकि, औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर बेहतर आंकड़े आए हैं। अप्रैल में इंडस्ट्रियल ग्रोथ बढ़कर 6 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। यह -0.1 फीसदी से बढ़कर 3.4 फीसदी है।


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