रिलायंस जियो के सस्ते मोबाइल डेटा के कारण देश में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
नई दिल्ली: रिलायंस जियो के सस्ते मोबाइल डेटा के कारण देश में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जानकारी दें कि हाल ही के एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट के कुल ग्लोबल यूजर्स में भारत की 12 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे भारत इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालो लोगों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है। इंटरनेट ट्रेंड्स पर वर्ष 2019 की मैरी मीकर रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर देश बन गया है। बता दें कि रिपोर्ट में जियो को अमेरिका के बाहर की सबसे इनोवेटिव इंटरनेट कंपनियों में से एक बताया गया है।
दुनिया भर में करीब 3.8 अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते
इस बात का भी रिपोर्ट में खुलासा किया गया हैं कि दुनिया भर में करीब 3.8 अरब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। यह विश्व की कुल आबादी के आधे से अधिक है। इसमें 21 फीसदी इंटरनेट उपयोक्ताओं के साथ चीन शीर्ष पर है। अमेरिका में दुनियाभर के इंटरनेट उपयोक्ताओं का मात्र आठ फीसदी ही है। वहीं दुनियाभर में इंटरनेट उपयोक्ताओं की वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। जबकि 2018 में यह छह फीसदी रही। हालांकि यह 2017 के सात फीसदी के मुकाबले कम है। रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो के 30.7 करोड़ मोबाइल फोन यूजर्स हैं।
जियो की मुफ्त वॉयस कॉल और सस्ते डाटा प्लान ने एक साल में दो गुना डाटा
इसमें जियो के प्रमुख मुकेश अंबानी के हवाले से कहा गया है कि वह एक हाइब्रिड ऑनलाइन से ऑफलाइन वाणिज्य मंच तैयार कर रहे हैं। इसमें रिलायंस रिटेल के मार्केटप्लेस को जियो के डिजिटल ढांचे से जोड़ रहे हैं। वहीं ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पांच सितंबर 2016 को जियो ने सस्ते इंटरनेट प्लान के साथ भारतीय बाजार में कारोबार शुरू किया था। उसके बाद से देश में इंटरनेट उपयोक्ताओं की संख्या बढ़ी है और प्रतिस्पर्धा के चलते अन्य कंपनियों ने भी अपने इंटरनेट प्लान सस्ते किए हैं।
जियो की मुफ्त वॉयस कॉल और सस्ते डाटा प्लान ने एक साल में दो गुना डाटा उपयोग बढ़ने में मदद की है। रिपोर्ट ने भारत में इंटरनेट के नियमों को काफी संतुलित करार दिया गया है। हालांकि कई नियामक संस्थाएं इंटरनेट पहुंच को नियंत्रित करने का काम करती हैं। लेकिन यह नियंत्रण मुख्य तौर पर अपमानजनक सामग्री को हटाने तक सीमित रहा है।
भारत की 95 फीसद आबादी तक अपनी सीधी पहुंच बनाने की कोशिश में जियो
बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले वर्ष हाइब्रिड ऑनलाइन-ऑफलाइन मॉडल के साथ ई-कॉमर्स सेग्मेंट में प्रवेश की घोषणा की। तब से कंपनी ने लॉजिस्टिक्स कंपनी ग्रैब, सॉफ्टवेयर फर्म सी-स्क्वॉयर, क्षेत्रीय भाषा सेवा प्रदाता प्लेटफॉर्म रिवेरा लैंग्वेज टेक्नोलॉजीज सहित कई कंपनियों का अधिग्रहण किया है। जानकारी दें कि कंपनी की योजना अपने ई-कॉमर्स वेंचर के लिए 5,000 शहरों और कस्बों में स्थित 5,100 से अधिक जियो प्वाइंट स्टोर्स को डिलिवरी और कलेक्शन प्वाइंट के रूप में उपयोग करने की है। इसके साथ ही कंपनी भारत की 95 फीसद आबादी तक अपनी सीधी पहुंच बनाने की कोशिशों में जुटी है।
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