यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों के भारत के शीर्ष निर्माताओं ने चल रही तिमाही में कई दिनों से फैक्ट्री बंद करने की घोषणा की है।
नई दिल्ली: यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों के भारत के शीर्ष निर्माताओं ने चल रही तिमाही में कई दिनों से फैक्ट्री बंद करने की घोषणा की है। जानकारी दें कि देश की 10 शीर्ष कार और टू-व्हीलर निर्माता कंपनियों में से 7 ने घोषणा कर दी है, कि वे कई दिनों तक अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स बंद रखने वाली हैं। बता दें कि कंपनियों ने ऐसा फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कार और टू-व्हीलर्स की कम बिक्री के चलते उनकी इन्वेंटरी अब तक बिकी नहीं है। कंपनियां पहले उन वाहनों को बेचना चाहती हैं, उसके बाद नए वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग की जाएगी। हालांकि इस कदम से कंपनी अपनी इन्वेंटरी खाली करने में मदद मिलेगी। लेकिन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अपने ग्रोथ टार्गेट पूरे नहीं कर पाएगी।

इन कंपनियों ने बंद किये प्लांट
जानकारी के मुताबिक जून की शुरुआत में तकरीबन 35000 करोड़ रुपए कीमत के 5 लाख पैसेंजर व्हीकल्स और 17.5 हजार करोड़ के 30 लाख टू-व्हीलर डीलरशिप्स में खड़े हैं। लेकिन उन्हें ग्राहक नहीं मिल रहा है। प्लांट बंद करने वाली कंपनियों में मारुति सूजुकि , टाटा मोर्टस, महिंद्रा एंड महिंद्रा Mahindra & Mahindra शामिल हैं। इन कंपनियों ने मई से जून के बीच अपने प्लांट बंद रखे हैं।
वाहनों पर जीसटी चुकाना पड़ रहा
इंडस्ट्री का आउटपुट 20-25 फीसदी तक घटने की आशंका
इस बात से भी हालांकि अवगत करा दें कि मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के बंद होने से मई-जून के बीच इंडस्ट्री का आउटपुट 20-25 फीसदी तक घटने की आशंका है। लेकिन इन सब के बाद भी असल घाटा डीलर्स को हो रहा है। जिनकी इन्वेंटरी में सामान्य से 50 फीसदी तक अधिक वाहन रखे हैं। उन्हें इन वाहनों पर जीसटी चुकाना पड़ रहा है।
पैसेंजर व्हीकल मार्केट की सेल में गिरावट
मारुति, महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने मई में कई दिनों के लिए प्रोडक्शन रोक दिया था। ये कंपनियां इस महीने चार से 10 दिनों के लिए दोबारा प्रोडक्शन बंद करने जा रही हैं। इस बार Honda Cars India, Renault-Nissan Alliance और Skoda Auto शामिल हैं। इस साल मई तक हर महीने पैसेंजर व्हीकल मार्केट की सेल गिरी है।


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