अगर आप भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है।
नई दिल्ली: अगर आप भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। जानकारी दें कि 1 जुलाई से SBI ने नियम में बदलाव करने की घोषणा कि है। इस बदलाव का सीधा असर एसबीआई के करोड़ ग्राहकों पर पड़ने वाला है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से रेपो रेट में की गई कटौती का फायदा सबसे पहले एसबीआई देने जा रहा है। SBI ने मार्च 2019 में ही अपनी सेविंग्स डिपॉजिट और कर्ज दरों को RBI रेपो रेट से जोड़ने की घोषणा कर दी थी। इसीलिए RBI के ब्याज दरों (रेपो रेट) में की गई 0.25 फीसदी की कटौती का फायदा एसबीआई कस्टमर्स को तुरंत मिलेगा।
बैंक ने रेपो रेट को बैंक दरों से जोड़ दिया
वहीं 1 जुलाई से इसके जरिए लिंक सभी लोन 0.25 फीसदी तक सस्ते हो जाएंगे। बता दें कि एक्सटर्नल बेंचमार्किंग नियम के तहत यह पहल करने वाला एसबीआई देश का पहला बैंक है। आपको बता दें कि SBI 1 मई से लोन को लेकर बड़ा बदलाव कर चुका है। बैंक ने रेपो रेट को बैंक दरों से जोड़ दिया है। इस का फायदा एक लाख रुपये से ज्यादा के लोन पर लागू है।
एक्सटर्नल बेंचमार्किंग क्या होता है
जानकारी दें कि एक्सटर्नल बेंचमार्किंग नियम के तहत लोन में फ्लोटिंग ब्याज दरें रेपो रेट या गवर्मेंट सिक्योरिटी में निवेश पर यील्ड जैसे बाहरी मानकों से संबद्ध की जाएंगी। जिसका फायदा यह होगा कि RBI द्वारा पॉलिसी रेट घटाते या बढ़ाते ही कस्टमर्स के लिए लोन भी तुंरत सस्ते या महंगे हो जाएंगे। हालांकि फिलहाल बैंक अपने कर्ज पर दरों को प्रिंसिपल लेंडिंग रेट, बेंचमार्क प्रिन्सिपल लेंडिंग रेट, बेस रेट और मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट जैसे आंतरिक मानकों के आधार पर तय करते हैं।
तीसरी बार आरबीआई ने घटाई है दरें
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लगातार तीसरी बार दरें घटाई हैं और अब यह 9 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि पिछली दो बार आरबीआई की इस पहल का ग्राहकों को अधिक नहीं मिला था। इस बार भी आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है लेकिन यह बैंकों के ऊपर है कि वो रेट कट कितना फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। हालांकि रिजर्व बैंक ने अपनी तरफ से बैंकों को कर्ज सस्ता करने का पर्याप्त अवसर दिया है। इस बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की गई थी। जिसके बाद रेपो रेट 5.75 पर आ गया है। जिसकी वजह से एसबीआई का होम लोन भी लगातार सस्ता होगा। आपको बता दें कि अगर रेपो रेट स्थिर रहते हैं या फिर बढ़ोतरी होती हैं जो होम लोन की ब्याज बढ़ती या स्थिर ही रहती हैं।
सभी कस्टमर्स को फायदा नहीं
इस बात से भी अवगत करा दें कि एसबीआई द्वारा की गई घोषणा के मुताबिक, आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में बदलाव का फायदा ग्राहकों को तुरंत देने के उद्देश्य से सेविंग डिपॉजिट और कम अवधि के कर्ज की ब्याज दर को रेपो रेट से जोड़ने का फैसला एक मई 2019 से लागू होगा। हालांकि इससे एसबीआई के सभी ग्राहकों को फायदा नहीं होगा। नया नियम सिर्फ उन्हीं खातों पर लागू होगा, जिनमें एक लाख रुपये से अधिक राशि हो।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स



Click it and Unblock the Notifications
