लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार (Government of UP) के डेटाबेस में समस्या को लेकर प्रदेश के 1.50 लाख किसानों (Farmer) को पैसे को पीएम किसान योजना (PM Kisan) का पैसा नहीं मिल पा रहा है। ये किसान प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना के लाभार्थी हैं, लेकिन पैसा न मिल पाने से निराश हैं। वहीं यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार, डेटाबेस में आई समस्या का समाधान किया जा रहा है और जल्द ही किसानों (Farmer) को पैसे मिल जाएंगे।

चुनाव में पीएम किसान योजना (PM Kisan) ने दिलाया फायदा
यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि पीएम किसान योजना (PM Kisan) का मकसद छोटे व सीमांत किसानों (Small and marginal farmers) की आर्थिक मदद करना है। उनके अनुसार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में भाजपा (BJP) के पक्ष में यह योजना बदलाव लाने वाली साबित हुई है। उन्होंने बताया, "उत्तर प्रदेश सरकार ने 1.56 करोड़ किसानों (Farmer) का आंकड़ा केंद्र सरकार को भेजा है, जिसमें से 1.11 करोड़ किसानों को किसान सम्मान योजना की पहली किस्त पहले ही मिल चुकी है। इस योजना में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 38 फीसदी है।"
बेमेल आंकड़ों को ठीक किया जा रहा
उन्होंने कहा कि बेमेल आंकड़ों के कारण करीब 1.5 लाख किसानों को पैसे का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। आंकड़ों में गड़बड़ी को सही किया जाएगा और पैसे किसानों (Farmer) के खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे।
पीएम किसान योजना (PM Kisan) का किया गया है विस्तार
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में शुक्रवार को पीएम किसान योजना (PM Kisan) का दायरा बढ़ाते हुए जमीन की जोतों पर विचार किए बगैर इसके तहत सभी किसानों (Farmer) को शामिल करने का फैसला किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये सालाना सहायता राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित करने का प्रावधान है।
ये है पीएम किसान योजना (PM Kisan) का आकार
योजना में संशोधन करते हुए इसके तहत दो करोड़ और किसानों को शामिल किया गया है जिस पर अनुमानित खर्च 2019-20 में 87,217.50 करोड़ रुपये होगा। इससे पहले इस योजना के तहत सालाना अनुमानित खर्च 75,000 करोड़ रुपये था।


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