नई दिल्ली। अनिल अंबानी ग्रुप (Anil Ambani Group) अपने कर्ज (Loan) के चलते परेशानी महसूस कर रहा है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद जब एक कंपनी का पैसा चुकाना था, तो उनको अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की मदद लेनी पड़ी थी। लेकिन अब अनिल अंबानी (Anil Ambani) इस कर्ज से छुटकारा पाने की गंभीर कोशिशें करते दिख रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने अपना म्युचुअल फंड कारोबार (Mutual Fund Business) बेचा था। अब वह अपना रेडियो कारोबार (Radio Business) बेचने जा रहे हैं। अनिल अंबनी की एक कंपनी रेडियो कारोबार बिग एफएम (Big FM) नाम से करती है।

क्या है प्लानिंग
अनिल अंबानी ग्रुप (Anil Ambani Group) की कंपनी रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क (RBN) बिग एफएम (Big FM) के नाम से रेडिया कारोबार करती है। लेकिन ग्रुप के ऊपर ज्यादा कर्ज होने के चलते पिछले काफी समय से कंपनी बिग एफएम (Big FM) को बेचने की कोशिश कर रही थी। आखिरकार बिग एफएम (Big FM) को एक खरीदार मिल गया है। जागरण ग्रुप की एक कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकॉस्ट लिमिटेड (MBL) बिग एफएम (Big FM) को खरीदने को तैयार हो गई है। यह जानकारी ईटी ने प्रकाशित की है।
कितने में बिकेगी बिग एफएम (Big FM)
इस डील की नजदीक से जानकारी रखने वालों के अनुसार यह सौदा करीब 1,200 करोड़ रुपये में होने की उम्मीद है। वैसे जागरण प्रकाशन लिमिटेड (Jagran Prakashan Ltd) इससे पहले भी एक और एफएम रेडियो (FM Radio) खरीद चुका है। इसने दिसंबर 2014 में रेडियो सिटी (Radio City) को चलाने वाली म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (MBL) को खरीदा था। अब यही कंपनी अनिल अंबानी ग्रुप की बिग एफएम (Big FM) को खरीद रही है। जानकारी के अनुसार इस डील की घोषणा 1 हफ्ते में हो सकती है। जागरण प्रकाशन की म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (MBL) पहले रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क (RBN) में 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके लिए किसी भी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं है।
रेडियो सिटी (Radio City) हो जाएगा देश का सबसे बड़ा एफएम चैनल (FM channel)
अगर इस डील में कोई बाधा नहीं आती है तो रेडियो सिटी (Radio City) देश की सबसे बड़ा एफएम चैनल (FM channel) चलाने वाली कंपनी बन जाएगी। इस डील के होने पर 45 FM स्टेशन का नियंत्रण म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (MBL) को दे दिया जाएगा, जबकि 14 नए स्टेशन 2020 में लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद ट्रांसफर होंगे। बिग FM के पास 59 स्टेशन हैं। इनमें से 45 रेडियो स्टेशन की लॉक-इन अवधि पिछले वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो चुकी है। बाकी के 14 स्टेशन का लॉक-इन मार्च 2020 तक के लिए है।
लॉक-इन के चलते नहीं बिक पाई पहले ये कंपनी
सूचना एंड प्रसारण मंत्रालय के नियमों के अनुसार कोई भी रेडियो कंपनी नए लाइसेंस में 3 वर्षों के लिए बहुमत की हिस्सेदारी नहीं बेच सकती है। इसी नियम के चलते पहले जी ग्रुप से डील नहीं हो पाई थी। अनिल अंबानी ने 2005 में मीडिया और एंटरटेनमेंट बिजनेस में प्रवेश किया था।
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