केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi government) की वापसी होती है अगर गुरुवार को तो इसमें कोई दो राय नहीं कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Central finance ministry) में अरुण जेटली (Arun Jaitley) की
नई दिल्ली: केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi government) की वापसी होती है अगर गुरुवार को तो इसमें कोई दो राय नहीं कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Central finance ministry) में अरुण जेटली (Arun Jaitley) की कुर्सी बरकरार रहेगी। हालांकि, अगर उनकी सेहत बिगड़ती है तो केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल (Union Railway and Coal Minister Piyush Goyal) उनकी जगह ले सकते हैं। वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की कुर्सी पर चाहे जो भी बैठे, मोदी (Modi) को एक ऐसे वित्त मंत्री की जरूरत है, जो बिना कर्ज बढ़ाए अर्थव्यवस्था (Economy) में नई जान फूंक सके।

आपको जानकारी दें कि देश की आर्थिक विकास दर (Economic growth rate) पांच तिमाहियों के निचले स्तर 6.6% पर पहुंच गई है और अर्थशास्त्रियों (Economists) को उम्मीद है कि ग्रामीण खपत मांग में गिरावट (Demand in rural consumption demand) और तेल की कीमतों में धीमी वृद्धि (Slow rise in oil prices) से हालत और बदतर हो सकती है।
नीचे जेटली और गोयल दोनों का विवरण दिया गया है, यहां एक नजर अवश्य डालें।
अरुण जेटली
जो कि मौजूदा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (Union Finance Minister Arun Jaitley) (66) वकील (Advocate) हैं और मोदी के कैबिनेट के बेहद कद्दावर नेता हैं। वह सरकार के लिए कई बार संकट से निकालने की भूमिका निभा चुके हैं। हालांकि पिछले पांच वर्षों में जेटली ने संसद में वस्तु एवं सेवा कर (goods and services Tax) (जीएसटी) जैसे बड़े कानून को पारित कराने के अलावा, तीन तलाक जैसे मुद्दे पर भी सरकार की जोरदार ढंग से वकालत कर चुके हैं। जानकारी दें कि जेटली के विपक्षी सांसदों (Opposition lawmakers) के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण ताल्लुकात हैं और वह संसद तथा संसद के बाहर अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते हैं। उनकी महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है वे फिलहाल तीन मंत्रालयों (Three ministries) के कामकाज की जिम्मेदारी (Responsibility) निभा रहे हैं।
इस बात से भी अवगत करा दें कि अरुण जेटली मधुमेह के मरीज हैं। इस साल फरवरी में वह अंतरिम बजट (Interim budget)पेश नहीं कर सके थे, क्योंकि उस वक्त वे अमेरिका में कैंसर का इलाज करा रहे थे। पिछले साल मई में उनका किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney transplant) हुआ था।
पीयूष गोयल
वहीं दूसरी ओर रेलवे एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल (Railway and Coal Minister Piyush Goyal) (54) को भविष्य के वित्त मंत्री के रूप में तैयारी कराई जा रही है। जानकारी दें कि जेटली के बीमार होने पर वे दो बार वित्त मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुके हैं। वह देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक (Commercial Bank) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं गोयल एक प्रशिक्षित चार्टर्ड अकाउंटेंट (Trained chartered accountant) हैं और पिछला अंतरिम बजट (Interim budget) पेश कर चुके हैं। उन्होंने बीजेपी (BJP) के सत्ता में आने पर वेतनभोगी लोगों के टैक्स (Tax) में और कटौती की बात कही थी। इस बात से भी अवगत करा दें कि केयर रेटिंग्स में चीफ इकनॉमिस्ट (Care ratingd chief economist) मदन सबनविस (Madan sabnavish) ने कहा कि वित्त मंत्री कौन बनता है इसका कोई मायने नहीं हैं, क्योंकि अधिकतर बड़े फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लिए जाते हैं।
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