नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान का परिवेश एक सा ही है, इसलिए भारत की सामाजिक मान्यताएं पाकिस्तान में भी मानी जाती हैं, चाहे उनका थोड़ा रूप बदल गया हो। भारत में कहा जाता है कि अगर किसी की नजर उतारनी हो तो नीबू काटना चाहिए। लेकिन पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के चलते अब यह भी संभव नहीं रह गया है। पाकिस्तान में इस वक्त नीबू 400 रुपये प्रति किलो तक का भाव पार कर चुका है। यही नहीं आटा, चावल और तेल तक खरीदना आम पाकिस्तानियों के भारी होता जा रहा है। भारत में जहां महंगाई की दर 3 फीसदी के नीचे है फिर भी देश में हर तरफ सामानों के महंगा होने के बात होती है, वहीं पाकिस्तान में महंगाई की दर इस वक्त करीब 10 फीसदी तक पहुंचने वाली है। माना जाता है कि भारत की तरफ की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की आर्थिक दिक्कत तेजी से बिकड़ना शुरू हुई है।

डॉलर भी महंगाई बढ़ाने का कारण
पाकिस्तान (Pakistan) की खराब आर्थिक स्थिति अब लोगों को रुला रही है। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ चुका है। इस वजह से खाने-पीने के अलावा अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमत काफी बढ़ गई हैं। 1 डॉलर (dollar) की कीमत पाकिस्तान (Pakistan) में करीब 150 रुपये तक पहुंच गई। वहीं ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी मुद्रा (Pakistan rupee) एशिया की 13 अन्य मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी है।
रमजान में भारी पड़ रही महंगाई
अभी पिछले सप्ताह ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच छह अरब डॉलर के राहत पैकेज को लेकर शुरुआती सहमति बनी है। लेकिन इससे भी पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक हालात सुधरती नहीं दिख रही है। फिलहाल पाकिस्तान (Pakistan) में महंगाई सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। इस कारण् एक दर्जन संतरे 360 रुपये तो नीबू और सेब की कीमत 400 रुपये किलो के पार निकल गई है। रमजान के पवित्र माह में महंगाई लोगों पर भारी पड़ रही है।
ट्वीट कर लोग बता रहे रेट
पाकिस्तान (Pakistan) में आजकल ट्वीट कर लोग एक दूसरे को बढ़े हुए सामानों के रेट बता रहे हैं। इन ट्वीट के अनुसार इस वक्त पाकिस्तान (Pakistan) में 150 रुपये दर्जन केले, मटन 1100 रुपये किलो, चिकन 320 रुपये किलो और एक लीटर दूध 120 से 180 रुपये में मिल रहा है।
ये है अन्य वस्तुओं के दाम
पाकिस्तान (Pakistan) में बढ़ती महंगाई की गाज सिर्फ दूध पर ही नहीं गिरी है बल्कि वहां पर मार्च के मुकाबले अब प्याज की कीमत में करीब 40 फीसदी, टमाटर 19 फीसदी, चिकन 16 फीसदी, मूंग की दाल 13 फीसदी, ताजे फल 12 फीसदी, गुड़ तीन फीसदी, चीनी 3 फीसदी, बींस डेढ़ फीसदी, मछली, मसाले व अन्य दालें, घी चावल, बेकरी से बने उत्पाद, आटा, कुकिंग ऑयल, चाय, गेंहू की कीमतों में एक से लेकर सवा फीसदी तक का इजाफा हो चुका है।
आंकड़ों में महंगाई का हाल
पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के मुताबिक, मार्च 2019 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई बढ़कर 9.4 फीसदी पर पहुंच गई। पीबीएस (PBS) का कहना है कि इस दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें पाकिस्तान (Pakistan) में महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह हैं। पिछले तीन महीने में ताजी सब्जियों, फलों और मांस के दाम खासकर शहरों में लगातर बढ़े हैं। जुलाई से मार्च के दौरान औसत महंगाई साल दर साल आधार पर 6.97 फीसदी बढ़ी है।
लेकिन कर्ज लेने में कोताही नहीं
चीन से पिछले महीने ही पाकिस्तान (Pakistan) को 2.1 अरब डॉलर का कर्ज दिया गया है। इससे पहले पाकिस्तान को मदद के तौर पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी एक-एक अरब डॉलर मिल चुके हैं। सऊदी अरब पहले भी कई बार पाकिस्तान की कई बार वित्तीय मदद कर चुका है।


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