Unitech प्रमोटर्स को तिहाड़ में मिली सुविधाएं वापस लेने के आदेश

यूनिटेक (Unitech) के प्रबंध निदेशक (Managing director) को मिल रही सुविधाएं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वापस लेने का आदेश दिया है।

नई दिल्‍ली: यूनिटेक (Unitech) के प्रबंध निदेशक (Managing director) को मिल रही सुविधाएं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वापस लेने का आदेश दिया है। यूनिटेक लिमिटेड (Unitech Limited) की फोरेंसिक लेखा परीक्षा में कंपनी की ओर से सहयोग नहीं किये जाने से नाराज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)ने गुरुवार को उसके प्रवर्तकों संजय चंद्रा (Sanjay Chandra) और उसके भाई अजय चंद्रा (Ajay Chandra) को जेल मे मिल रही सारी सुविधाएं (Facilities) वापस लेने का आदेश दिया। दोनों भाई घर खरीदारों के पैसे की हेर-फेर करने के आरोप में 2017 से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

Unitech owners will not get facilities in Tihar anymore

सामान्य कैदियों की तरह ही व्यवहार हो

बता दें कि अदालत (Court) ने कहा कि चंद्रा भाइयों (Chandra's Brother) के साथ तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के कारा प्रावधान के अनुसार सामान्य कैदियों की तरह ही व्यवहार किया जाना चाहिए। इससे पहले अदालत ने 2017 में जेल प्रशासन को चंद्रा बंधुओं को कंपनी के अधिकारियों एवं वकीलों (Officers and lawyers) से मुलाकात की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, ताकि वे निर्माणाधीन आवास (Under construction house) परियोजनाओं को पूरा करने और घर खरीदारों (Home buyers) का पैसा वापस करने के लिए धन का प्रबंध कर सकें।

बता दें कि गुरुवार को न्यायालय को बताया कि कंपनी उनके साथ सहयोग नहीं कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि उनके पास यूनिटेक (Unitech)के मामलों की सीबीआई जांच (CBI inquiry) का आदेश देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ (Justice D.Y. Chandrachud) और न्यायमूर्ति एमआर शाह (Justice MR Shah) की पीठ ने सीबीआई जांच (CBI inquiry)के बारे में तत्काल कोई सीधा आदेश नहीं दिया, लेकिन पीठ ने कहा कि उसे अगली सुनवाई में महाधिवक्ता केके वेणुगोपाल के सहयोग की जरूरत होगी। बता दें कि पीठ ने कहा कि वह महाधिवक्ता से यह भी जानना चाहेगी कि क्या सरकार घर खरीदारों (Home buyers) के हितों की रक्षा के लिए यूनिटेक समूह और उसकी अनुषंगियों का प्रबंधन अपने हाथों में ले सकती है। पीठ ने यूनिटेक की अटकी परियोजनाओं को केंद्रीय निर्माण एजेंसियों (Central construction agencies) के जरिये सरकार (Government) द्वारा पूरा कराये जाने के बारे में भी महाधिवक्ता की राय जानने की इच्छा जाहिर की।

मामले की सुनवाई संपन्न होने तक नीलामी प्रक्रिया पर रोक का आदेश

वहीं इस मामले में अदालत (Court) का सहयोग कर रहे अधिवक्ता पवन श्री अग्रवाल (Advocate Pawan Shri Agrawal) ने बताया कि गुड़गांव नगर निगम (Nagar Nigam) ने यूनिटेक (Unitech) की सैकड़ों करोड़ रुपये की एक संपत्ति (Property) की नीलामी प्रक्रिया शुरू की है। पीठ ने इस बारे में कहा कि वह मामले की सुनवाई संपन्न होने तक नीलामी प्रक्रिया (bidding process) पर रोक लगाने का आदेश देती है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने 23 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान चंद्रा बंधुओं (Chandra brothers) को जमानत (Bail) देने से मना कर दिया था।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+