Currency Market : सोमवार को रुपये (Rupee) में कमजोरी के साथ शुरुआत हुई। आज डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया 23 पैसे की गिरावट के साथ 69.44 रुपये के स्तर पर खुला। वहीं शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 15 पैसे बढ़कर 69.22 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।

यहां जानें : किसी भी करेंसी के खिलाफ रुपये का स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल
-शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 15 पैसे बढ़कर 69.22 के स्तर पर बंद हुआ था।
-गुरुवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 20 पैसे बढ़कर 69.36 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
-मंगलवार को डॉलर (dollar) के खिलाफ रुपया (rupee) 45 पैसे की बढ़त के साथ 69.56 के स्तर पर बंद हुआ है।
-शुक्रवार को डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 24 पैसे बढ़कर 70.01 के स्तर पर बंद हुआ।
-गुरुवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 38 पैसे की कमजोरी के साथ 70.25 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
-बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 25 पैसे की टूटकर के साथ 69.87 के स्तर पर बंद हुआ था।
-मंगलवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 5 पैसे की बढ़त के साथ 69.62 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
-सोमवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 32 पैसे की कमजोरी के साथ 69.67 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
-गुरुवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 25 पैसे की मजबूती के साथ 69.36 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
क्यों होता है रुपया (Rupee) कमजोर या मजबूत
रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। समय-समय पर इसके आंकड़े रिजर्व बैंक की तरफ से जारी होते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा पर असर पड़ता है। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर। अमेरिकी डॉलर को वैश्विक करेंसी इसलिए माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में इसी का प्रयोग करते हैं। यह अधिकतर जगह पर आसानी से स्वीकार्य है।
आप पर क्या असर
भारत अपनी जरूरत का करीब 80% पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है। डालर (dollar) के मुकाबले रुपये (Rupee) में गिरावट से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। इस वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपये (Rupee) की कमजोरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें : WGC का अनुमान : इस साल खूब Gold खरीदेंगे भारतीय, जानें कारण
More From GoodReturns

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स

मुंबई लोकल मेगाब्लॉक: आज वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर बड़ा असर, घर से निकलने से पहले देखें टाइमिंग



Click it and Unblock the Notifications
