रिजर्व बैंक (Reserve Bank) (RBI) ने कहा कि साल 2014 या उसके बाद देश से बाहर कोई सोना नहीं भेजा गया है।
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक (Reserve Bank) (RBI) ने कहा कि साल 2014 या उसके बाद देश से बाहर कोई सोना नहीं भेजा गया है। जानकारी दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) (आरबीआई) ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि सोने को विदेशों में रखना एक नियमित परंपरा है। इसके साथ ही बैंक (Bank) ने कहा कि लेकिन 2014 से सोना विदेश नहीं ले जाया गया है। जबकि कुछ अखबारों और सोशल मीडिया में केंद्रीय बैंक (Central bank) द्वारा 2014 में कुछ सोना विदेश भेजने की रिपोर्ट के बाद आरबीआई ने यह बयान जारी किया है।

बता दें कि आरबीआई बयान (RBI statement) के अनुसार दुनिया भर में केंद्रीय बैंक (Central bank)अपना सोना सुरक्षित (Gold safe) रखने के लिये उसे बैंक आफ इंग्लैंड समेत अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों (Central bank) में रखते रहे हैं और यह एक सामान्य गतिविधि है। हालांकि इसमें कहा गया है केंद्रीय बैंक ने 2014 या उसके बाद देश से रत्ती भर भी सोना अन्य देशों में नहीं भेजा है। अत: इस बारे में मीडिया में जो रिपोर्ट आयी है, वह तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत है।
वहीं कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने ट्विटर पर एक रिपोर्ट ट्वीट की है जिसमें 2014 में आरबीआई का 200 टन सोना स्विट्जरलैंड (Switzerland) भेजने की बात कही गयी है। पार्टी ने रिपोर्ट टैग करते हुए कहा था क्या मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से आरबीआई (RBI) का 200 टन सोना 2014 में स्विट्जरलैंड भेजा है।
वहीं उल्लेखनीय है कि जब चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने तब देश की आर्थिक स्थिति (economic condition) बेहद खराब थी। भारत की अर्थव्यवस्था भुगतान (Economy payment) संकट में फंसी हुई थी। इसी समय रिजर्व बैंक (Reserve Bank) ने सोना गिरवी रख कर कर्ज लेने का फैसला किया। उस समय देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign exchange reserves) 1.1 अरब डॉलर (Dollar) ही रह गया था। इतनी रकम तीन हफ्तों के आयात के लिए भी पूरी नहीं थी।


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