वित्त वर्ष (financial year) 2019-20 की शुरुआत ऑटो कंपनियों (Auto companies) के लिए अच्छी नहीं दिख रही है।
नई दिल्ली: वित्त वर्ष (financial year) 2019-20 की शुरुआत ऑटो कंपनियों (Auto companies) के लिए अच्छी नहीं दिख रही है। नए वित्त वर्ष (New finance year) के पहले महीने अप्रैल में ही कार कंपनियों (Car companies) की बिक्री को तगड़ा झटका लगा है। जी हां देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) की कुल बिक्री अप्रैल 2019 में 17.2 फीसदी गिर गई। इस दौरान डॉमेस्टिक मार्केट (Domestic Market) में कंपनी की कुल बिक्री को 19 फीसदी और पैसेंजर व्हीकल्स (Passenger vehicles) (PV) की बिक्री को 19.6 फीसदी का झटका लगा। दूसरी ओर हुंडई (Hyundai) की बिक्री में 10.1 फीसदी की गिरावट आई।
अन्य कंपनियों ने भी गिरावट दर्ज की
इसके अलावा टाटा मोटर्स (Tata Motors) की कुल बिक्री 20 फीसदी और पैसेंजर व्हीकल सेल्स (Passenger Vehicle Sales) 26 फीसदी गिर गई। वहीं टोयोटा (Toyota) की डॉमेस्टिक बिक्री (Domestic sale) 22.43 फीसदी और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा (Mahindra & Mahindra) की 8.94 फीसदी गिरी।
पैसेंजर व्हीकल्स (Passenger Vehicle)के अलावा कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट (Commercial Vehicle Segment) में भी ऑटो कंपनियों को बिक्री में गिरावट का सामना करना पड़ा है। अप्रैल में टाटा मोटर्स की कमर्शियल व्हीकल सेल्स 18 फीसदी गिरकर 29883 फीसदी रही है। वहीं महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की कमर्शियल व्हीकल सेल्स को 8.65 फीसदी का झटका लगा है।
इस वजह से गिरावट की अनुमान
बता दें कि देश की दिग्गज कार कंपनियों की बिक्री में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह आम चुनावों (General elections) को माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनावों के चलते लोगों ने व्हीकल्स (Vehicles) की खरीद को कुछ समय के लिए टाल दिया है, जिसका असर बिक्री पर पड़ा है। बड़ी कार कंपनियों की अप्रैल में गिरी बिक्री के चलते पूरे डॉमेस्टिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट (Domestic Passenger Vehicle Segment) की बिक्री में तगड़ी गिरावट दर्ज किए जाने का अनुमान है।
इंडस्ट्री को लगातार 10वें महीने लगा झटका
इस बात से भी अवगत करा दें कि टाटा मोटर्स (Tata Motors) के प्रेसिडेंट, पैसेंजर व्हीकल्स बिजनेस यूनिट मयंक पारिख के मुताबिक, इंडस्ट्री को लगातार 10वें महीने झटका लगा है। कमजोर कंज्यूमर सेंटीमेंट डिमांड (Consumer Sentiment Demand) में कमी दर्शाते हैं और इसने बिक्री को प्रभावित किया है। हालांकि टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस यूनिट प्रेसिडेंट गिरीश वाघ का कहना है कि इंडस्ट्री को अभी रिवाइज हुए नियमों के असर से बाहर आना है, वहीं आम चुनावों के चलते व्हीकल्स की डिमांड (Vehicle Demand) का होल्ड पर जाना भी कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री में गिरावट की एक वजह है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा (Mahindra & Mahindra) के प्रेसिडेंट ऑटोमोटिव सेक्टर राजन वढेरा ने भी लोकसभा चुनाव 2019 को व्हीकल डिमांड में कमी की वजह बताया है।
गिरावट अस्थायी, चुनाव के बाद कंज्यूमर डिमांड सुधरने की उम्मीद
जानकारी दें कि टाटा मोटर्स के प्रेसिडेंट (President of Tata Motors),पारिख ने आगे कहा कि हमारे हिसाब से यह गिरावट अस्थायी है। हमारा विश्वास है कि चुनाव के बाद कंज्यूमर डिमांड (Consumer demand) सुधरेगी। इसे सामान्य मानसून का सहारा मिलेगा और वित्त वर्ष 2019-20 में बिक्री अच्छी रहेगी। वहीं दूसरी ओर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एन राजा के मुताबिक, इस वक्त इंडस्ट्री आम चुनावों की अनिश्चितता के चलते स्लोडाउन का सामना कर रही है। अनुमान है कि ऐसा नई सरकार के बनने तक चलेगा। कंज्यूमर सेंटीमेंट कमजोर होने के पीछे लिक्विडिटी का दबाव, उच्च इंश्योरेंस और ज्यादा कीमत जैसे कई फैक्टर हैं।
बजाज की बिक्री कुल 4,23,315 यूनिट पर
दोपहिया वाहन बजाज (Bajaj) की कुल बिक्री अप्रैल महीने में 1.96 प्रतिशत बढ़कर 4,23,315 वाहन पर पहुंच गई। इस बात की जानकारी कंपनी ने गुरुवार को दी। बता दें कि कंपनी ने पिछले साल इसी महीने में 4,15,168 वाहन बेचे थे। बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल मोटरसाइकिल बिक्री 4.76 प्रतिशत बढ़कर 3,66,268 इकाई रही। जबकि अप्रैल 2018 में कंपनी ने 3,49,617 मोटरसाइकिलों की बिक्री की थी। इस दौरान, उसकी घरेलू बाजार में मोटरसाइकिल (Motorcycle in domestic market) बिक्री 2.5 प्रतिशत बढ़कर 2,05,875 वाहन रही, जो कि पिछले साल अप्रैल में 2,00,742 इकाई थी।
एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा 65,551 इकाइयों पर था। हालांकि कंपनी ने कहा कि उसका कुल निर्यात अप्रैल 2018 में 1,85,704 वाहनों से बढ़कर अप्रैल 2019 में 1,91,211 वाहनों पर पहुंच गया। इस दौरान निर्यात में तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई।
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