चौथी तिमाही (Fourth Quarter) में एचडीएफसी बैंक (HDFC bank) ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। एचडीएफसी बैंक का तिमाही मुनाफा उम्मीदों के अनुरुप ही रहा।
नई दिल्ली: चौथी तिमाही (Fourth Quarter) में एचडीएफसी बैंक (HDFC bank) ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। एचडीएफसी बैंक का तिमाही मुनाफा उम्मीदों के अनुरुप ही रहा। स्टेबल एसेट क्वालिटी (Stable asset quality) और बैड लोन्स (Bad Loans) के लिए लोवर प्राविजनिंग (Provisioning) के चलते एचडीएफसी बैंक (HDFC bank) का तिमाही परिणाम एनालिस्ट के अनुमान के मुताबिक ही आए हैं। हालांकि पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की अंतिम तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट (Net profit) सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 5885 करोड़ रुपये पहुंच गया। बता दें कि बैंक ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी है।

हालांकि इससे पहले विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि HDFC Bank को जनवरी-मार्च 2019 तिमाही में 5715 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट (Net profit) हो सकता है। इसके अलावा ब्याज से हुई नेट इनकम (Net income) में 23 फीसदी का उछाल आया है। इससे पहले 12465 करोड़ रुपये की ब्याज से आय का अनुमान लगाया गया था लेकिन अंतिम परिणाम में यह 13090 करोड़ रुपये पाया गया। वहीं बैड लोन्स के प्राविजन्स में 14.5 फीसदी की गिरावट आई है।
एनपीए एसेट्स में कमी
जबकि एचडीएफसी बैंक (HDFC bank) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक उसका ग्रास एनपीए रेशियो अक्टूबर-दिसंबर 2018 तिमाही में 1.38 फीसदी की तुलना में जनवरी-मार्च 2019 तिमाही में घटकर 1.36 फीसदी हो गया। इसके अलावा जनवरी-मार्च 2019 तिमाही में नेट एनपीए रेशियो भी उसकी पिछली तिमाही में 0.42 फीसदी की तुलना में घटकर 0.39 फीसदी।
बैंक के बोर्ड ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 15 रुपये प्रति शेयर लाभांश देने की घोषणा की है। इसके अलावा बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि वह लक्जमबर्ग स्टॉक एक्सचेंज (Luxembourg Stock Exchange) पर बैंक के 22 ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (Global Depository Receipts) (जीडीआर) को डिलीस्ट करेगी और खत्म करेगी। इसकी मुख्य वजह यह है कि इनकी ट्रेडिंग बहुत कम हो रही है।


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