आर्थिक संकट (Economic Crisis) से परेशान जेट एयरवेज (jet airways) अब कर्मचारियों के लिए कई मुश्किलें लेकर आया है।
नई दिल्ली : आर्थिक संकट (Economic Crisis) से परेशान जेट एयरवेज (jet airways) अब कर्मचारियों के लिए कई मुश्किलें लेकर आया है। जेट कर्मी (Jet crew) कम वेतन पर ही स्पाइसजेट (spicejet) को ज्वॉइन करने को मजबूर हैं। जी हां जेट एयरवेज के पायलट और इंजीनियर (Pilot and engineer) को स्पाइसजेट उनकी मौजूदा सैलरी से बेहद कम पर अपने यहां नौकरी दे रही है।

जेट एयरवेज के बंद होने की संभावना अधिक
जानकारी दें कि उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, जेट एयरवेज (jet airways) के पायलटों को मौजूदा सैलरी से 25-30 फीसदी कम तथा इंजिनियरों को उनकी मौजूदा सैलरी पैकेज से 50 फीसदी कम पर जॉइन करने को कहा जा रहा है। हाल ही में, स्पाइसजेट (spicejet) सहित कई एयरलाइंस (airlines) कंपनियां उन्हीं पायलटों को बेहतर सैलरी पैकेज और बोनस (package and Bonus) के साथ अपने यहां बुला रही थीं। वहीं विमानन उद्योग के एक शीर्ष सूत्र ने बताया, 'जेट एयरवेज (jet airways) के बंद होने की संभावना बेहद अधिक है। जिसके कारण लोग कम सैलरी पर भी दूसरे जगह जा रहे हैं। हालांकि, जेट एयरवेज में औसत सैलरी उद्योग के स्तर से अधिक रही है।
संरचना के आधार पर सैलरी ऑफर कर रही है कंपनी
बता दें कि स्पाइसजेट (spicejet) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) में अप्लाई करने वाले एक वरिष्ठ एयरक्राफ्ट मेंटनेंस (Aircraft maintenance) इंजिनियर ने कहा कि उन्हें 1.5 लाख रुपये से दो लाख रुपये महीने का ऑफर मिला है, जबकि जेट एयरवेज में उनकी कॉस्ट टू कंपनी (Cost to company)(CTC) लगभग चार लाख रुपये महीना है। उन्होंने कहा, 'यह ऑफर बहुत कम का है। वह इस विकल्प को जबरदस्ती चुनने के लिए बाध्य होंगे। हमें उम्मीद है कि कुछ निवेशक जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदेंगे, जिससे हमारी सैलरी सुरक्षित (Salaried safe) रहेगी।
वहीं, स्पाइसजेट के एक अधिकारी ने कहा कि उनकी कंपनी अपनी संरचना (Structure) के आधार पर सैलरी ऑफर कर रही है और वह जेट की तरह बेहद अधिक सैलरी नहीं देती है। जेट एयरवेज के एक वरिष्ठ कमांडर का कहना हैं कि 4-5 साल के अनुभव वाले पायलट दूसरे एयरलाइंस (airlines) में जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें सैलरी (salary) में विलंब होने का डर सता रहा है।


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