नई दिल्ली। देश में एक कंपनी (company) ऐसी भी जहां कर्मचारी (Employee) के करोड़पति बन जाता है। यह कंपनी अपने कर्मचारियों को भरपूर वेतन (salary) के अलावा साल में भारी भरकम गिफ्ट से लेकर घूमने फिरने तक का मौका देती है। यही नहीं परिवार का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। कर्मचारी को उनकी मेहनत के अनुसार कार (car) से लेकर घर (flat) तक गिफ्ट के रूप में एक साल में मिल जाता है। अगर कोई कर्मचारी यह गिफ्ट (gift) न लेना चाहे तो गिफ्ट के बराबर का पैसा ले सकता है। यानी कर्मचारी (Employee) की हर बात सबसे ऊपर होती है। इस कंपनी के मालिक का मानना है कि कंपनी अगर कुछ कमाती है तो अपने कर्मचारियों के दम पर ही कमाती है, इसलिए कंपनी (company) की कमाई पर पहला हक कर्मचारी का ही है। अगर आप भी इस कंपनी में नौकरी करना चाहते हैं तो इसके लिए भी मौका है।

आखिर कौन ये कंपनी
यह कंपनी (company) है गुजरात कि हरे कृष्ण डायमंड (Hare Krishna Diamond)। इस कंपनी के मालिक हैं सावजी ढोलकिया (savji dholakia)। हर साल यह कंपनी जब अपने कर्मचारियों को गिफ्ट देती है तो देशभर में खबर बन जाती है। क्योंकि यह कंपनी किसी बड़े मैदान में हजारों कर्मचारी (Employee) को कार से लेकर फ्लैट तक सौंपती है। पहली बार यह कंपनी (company) तब चर्चा में आई थी जब इसने कर्मचारियों को मकान, कार और ज्वैलरी गिफ्ट में दिया था। पिछले साल दिवाली पर भी कंपनी ने अपने 600 कर्मचारियों को कार और 1100 कर्मचारियों को मकान, बैंक एफडी और ज्वैलरी गिफ्ट की थी।
जानें कैसे हैं सावजी ढोलकिया
हजारों करोड़ रुपये का कारोबार होने के बाद भी उन्हें पैसों को लेकर जरा भी घमंड नहीं है। उनका मानना है कि सभी को सीखना चाहिए कि कैसे नौकरी मिलती है और कैसे पैसे कमाए जाते हैं। इसी के चलते उन्होंने अपने बेट द्रव्य के सामने बिना अपना परिचय बताए नौकरी खोजने और करने का चैलेंज रखा। यह जानना रोचक है कि न सिफ द्रव्य ने इस चैलेंज को स्वीकार किया बल्कि पूरा करके भी दिखाया।
क्या था मामला
सावजी ढोलकिया का बेटा अमेरिका में एमबीए करने के दौरान भारत आया था। इसी दौरान इस चैलेंज उसके सामने रखा गया। इस काम के लिए द्रव्य को केवल तीन जोड़ी कपड़े और 7 हजार रुपये देकर नौकरी ढूंढने के लिए भेजा गया। साथ में यह भी कहा गया कि वह जरूरत पड़ने पर ही इन पैसों का इस्तेमाल करे। साथ ही यह भी कहा कि वह अपने परिवार का परिचय का इस्तेमाल भी न करें। इसके अलावा उन्हें एक जगह पर 1 हफ्ते से ज्यादा की नौकरी नहीं करनी थी।
बेटे ने ऐसे पूरा किया चैलेंज
द्रव्य ने इस चैलेंज के दौरान ऐसी जगह जाने का फैसला किया, जिसे वह बिल्कुल नहीं जानता हो और जहां की लैंग्वेज भी उसके लिए नई हो। उसने केरल के कोच्चि जाने का फैसला किया। वह मलयालम नहीं जानता है। वहां हिंदी भी ठीक से नहीं बोली जाती। द्रव्य के अनुसार कोच्चि में उसे 5 दिन न तो नौकरी नहीं मिली और न ही रहने की जगह। वह 60 जगह रिजेक्ट होने के बाद मैं काफी फ्रस्ट्रेट में आ गया। इसके बाद उसने रिजेक्शन की वजह जानने की कोशिश की और नौकरी की कीमत को भी महसूस किया।
ऐसे मिली पहली नौकरी
द्रव्य को पहली नौकरी एक बेकरी में मिली। इसके बाद उसने एक कॉल सेंटर में नौकरी की। अंत में उसने कोच्चि के मैक्डॉनल्ड्स में भी नौकरी की। यहां उसे 4 हजार रुपये की सैलरी मिलती थी। द्रव्य के मुताबिक इस दौरान मैंने सीखा कि खाने के लिए 40 रुपये कैसे कमाए जाते हैं।
क्या सोच के साथ सावजी ने भेजा था बेटे को
उनके अनुसार वह चाहते थे कि बेटा जिंदगी को समझे। वह इस बात को जाने कि कैसे गरीब को नौकरी-पैसे के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उनके अनुसार यूनिवर्सिटी में ये एक्सपीरियंस कभी नहीं मिलता है।
कर्मचारियों को सुविधा देने में आगे है कंपनी (company)
-कर्मचारी को 1 लाख रुपये का मेडिकल हर साल और 1 करोड़ रुपये का डेथ इंश्योरेंस मिलता है।
-हर साल दो फ्री यूनिफॉर्म और हेलमेट मिलते हैं। कर्मचारियों के लिए बस सुविधा है।
-क्रिकेट ग्राउंड, स्विमिंग पूल, जिम, योगा सेशन सभी कर्मचारियों के लिए फ्री।
-कर्मचारियों के बच्चों की स्कूल फीस के साथ किबातों का खर्च भी उठाती है कंपनी।
-सोमवार से लेकर शुक्रवार तक फ्री लंच।
-हर 3 साल में एम्पलाई के परिजनों को हरिद्वार की यात्रा कराई जाती है।
-नवरात्रि, होली समेत सभी त्योहारों पर छुट्टी के अलावा दिवाली पर सभी को 20 दिन की छुट्टी।
-समर वेकेशन के लिए भी 10 दिन की छुट्टी मिलती है।
अगर आप भी यहां काम करना चाहते हैं तो ऐसे करे आवेदन
-यदि आप भी इस कंपनी (company) में काम करना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन की डिग्री होना चाहिए। वैसे, कंपनी में जॉब के लिए 10वीं और 12वीं पास लोग भी अप्लाई कर सकते हैं।
-यहां आवेदन करने के लिए आपके पास कंपनी में काम करने वाले लगभग किसी कर्मचारी का रिफरेंस होना जरूरी है। बिना रिफरेंस के आवेदन नहीं कर पाएंगे।
-जब कंपनी (company) में काम कर रहे किसी कर्मचारी का रिफरेंस होता है, तब आवेदन से एक फॉर्म भराया जाता है। इसमें सारी डिटेल देना होती है।
-इस फॉर्म के आधार पर ही आगे इंटरव्यू होता है।
-हालांकि मुंबई स्थित एक्सपोर्ट यूनिट के लिए वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।


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