सामान्य भविष्य निधि (GPF) और अन्य संबंधित योजनाओं पर ब्याज दर (intrest rate) सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए 8 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
नई दिल्ली : सामान्य भविष्य निधि (GPF) और अन्य संबंधित योजनाओं पर ब्याज दर (intrest rate) सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए 8 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। बता दें यह ब्याज दर लोक भविष्य निधि (PPF) पर मिलने वाले ब्याज के बराबर है। आर्थिक मामलों में विभाग ने एक अधिसूचना में कहा हैं कि जीपीएफ (GPF) और अन्य सामान्य बचत योजनाओं पर ब्याज दर (intrest rate) 1 अप्रैल से 30 जून 2019 के लिये 8 प्रतिशत होगी।

जानकारी दें कि यह ब्याज दर केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रेलवे और रक्षा बलों की भविष्य निधि पर लागू होगी। पिछले महीने सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिये राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) तथा पीपीएफ (ppf) समेत छोटी बचत योजनाओं (small savings scheme) के लिए ब्याज दर को बरकरार रखा था।
जमा राशि पर इनटैक्स रिटर्न में भी फायदा मिलता
इस बात से आपको अवगत करा दें कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक ऐसी बचत योजना है, जिसे आप किसी भी बैंक या डाकघर में शुरू कर सकते हैं। इतना ही नहीं आप अपना पीपीएफ अकाउंट (ppf account) घर बैठे ऑनलाइन भी शुरू कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि पर इनटैक्स रिटर्न (income tax return) में भी फायदा मिलता है। फिलहाल पीपीएफ (ppf) पर 8 प्रतिशत सालाना का ब्याज मिल रहा है। सरकार की तरफ से भविष्य निधि पर ब्याज दर समय-समय पर बदलती रहती हैं।
जीपीएफ, पीपीएफ और ईपीएफ के बारें में जानें
जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF) तीनों ही पीएफ के अंतर्गत आते हैं। 20 से अधिक कर्मचारियों वाली वाली कंपनी में ईपीएफ सैलरी से काटा जाता है। नियमानुसार इसमें कर्मचारी के वेतन का एक हिस्सा नियोक्ता के हिस्से से और दूसरा हिस्सा कर्मचारी से जाता है। इस खाते का रखरखाव ईपीएफओ करता है।


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