वाकई जेट एयरवेज (Jet Airways) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रही जेट एयरवेज अब एक और बड़ी मुश्किल में फंस गई है।
नई दिल्ली: वाकई जेट एयरवेज (Jet Airways) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रही जेट एयरवेज अब एक और बड़ी मुश्किल में फंस गई है। इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन(IOC) ने जेट एयरवेज को बकाया ना चुकाने की वजह से शुक्रवार से फ्यूल (fuel) की सप्लाई (supply) बंद कर दी है। इससे अब जेट की फ्लाइट्स पर और संकट गहरा गया है। जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र (public area) की कंपनी इंडियन ऑइल (indian oil) ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे से सप्लाई को बंद कर दिया है।

इस बात से आपको अवगत करा दें कि हाल ही में आर्थिक तंगी से गुजर रही जेट एयरवेज (jet airways) के प्रमोटर्स (promoters) ने बोर्ड (board) से इस्तीफा दिया है। जिसके बाद एसबीआई (sbi) लेड कंसोर्टियम द्वारा मैनेजमेंट की कमान संभाली जा रही है। 25 मार्च को जेट एयरवेज बोर्ड ने जेट एयरवेज का नया प्लान अप्रूव किया है। इसके साथ ही घरेलू ऋणदाता भी एयरलाइन को 1500 करोड़ की इमरजेंसी फंडिंग (emergency funding) देने पर राजी हो गए हैं। बावजूद इसके एयरलाइन को अब तक ज़रुरी फंड नहीं मिल सका है।
आर्थिक रुप से परेशान जेट एयरवेज पर करीब 8,200 करोड़ का कर्ज है। उसे 1,700 करोड़ की देनदारियां चुकानी है। यदि जेट एयरवेज बंद होती है तो करीब 2,300 लोगों की नौकरी चली जाएगी।
जेट एयरवेज पिछले कुछ वक्त से बड़ी आर्थिक तंगी से गुजर रही है। यही वजह है कि पिछले कुछ वक्त से कंपनी को अपनी कई फ्लाइट्स रद्द (flights) करनी पड़ी है। यहां तक कंपनी की गिरती माली हालत के मद्देनजर सरकार को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है। कंपनी के बोर्ड से मुख्य मुख्य प्रमोटर नरेश गोयल (naresh goyal) और उनकी पत्नी अनिता गोयल (anita goyal) ने इस्तीफा दे चुके हैं।
संकट में फंसी जेट एयरवेज (jet airways) के कर्जदाताओं ने कहा कि वे एयरलाइन (airline) में हिस्सेदारी (share) बिक्री के लिए छह अप्रैल को बोली आमंत्रित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिस्सेदारी बिक्री का स्वीकार्य परिणाम नहीं आता है तो स्टेट बैंक की अगुवाई वाले वित्तीय संस्थानों का समूह अन्य विकल्पों पर विचार करेगा।
कर्जदाताओं (Lenders) के समूह ने नकदी संकट (financial crisis) से जूझ रही जेट एयरवेज (jet airways) की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और कहा कि वे मौजूदा कानूनी तथा नियामकीय रूपरेखा के तहत समयबद्ध तरीके से समाधान योजना को आगे बढ़ाएंगे। जेट एयरवेज के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


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