सरकार (government) ने विप्रो (wipro) के 1,150 करोड़ रुपये के शत्रु शेयर (enemy shares) बेचे है।
नई दिल्ली: सरकार (government) ने विप्रो (wipro) के 1,150 करोड़ रुपये के शत्रु शेयर (enemy shares) बेचे है। जी हां गुरुवार को सरकार ने IT कंपनी विप्रो के करीब 1,150 करोड़ रुपये के शत्रु शेयरों (enemy shares) की बिक्री भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और दो अन्य सरकारी बीमा कंपनियों को की है। BSE पर सौदे के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कस्टडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया (CEPI) ने कंपनी के 4.43 करोड़ से अधिक शेयरों को 258.90 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचा है। इस बात की जानकारी दें कि इन शेयर LIC के अलावा जनरल इंश्योरेंस (general insurance) और न्यू इंडिया एश्योरेंस (new india association) को बेचे गये हैं। इनमें सर्वाधिक 3.86 करोड़ शेयर (share) एलआईसी (lic) ने खरीदे। इससे प्राप्त राशि सरकार के विनिवेश के खाते में जाएगी।

बता दें कि ये शेयर पाकिस्तानी नागरिकों (Pakistani citizens) के थे जिन्हें एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट (enemy property act), 1968 के तहत सीज कर लिया गया था। जानकारी के मुताबिक, सरकार के कब्जे में करीब 3000 करोड़ रुपये के शेयर और 1 लाख करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (ज्यादातर जमीन) है जो एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट, 1968 के तहत सीज हैं।
जो कि विभाजन (partition) के बाद जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान और चीन चले गए उनकी संपत्ति पर इस कानून के तहत सरकार ने कब्जा कर लिया। ठीक ऐसा ही हाल उनलोगों की संपत्ति (property) के साथ भी हुआ जो पाकिस्तान से छोड़कर भारत आ गए। भारत की बात करें तो CEPI के तहत सरकार (government) के पास 6.5 करोड़ शेयर हैं जो 996 कंपनियों के हैं। ये शेयर 20323 लोगों के हैं। जिसमें 996 कंपनियों में से 588 कंपनियां एक्टिव (active) हैं और 139 कंपनियां लिस्टेड हैं।
क्या है शत्रु संपत्ति
आमतौर पर, शत्रु संपत्ति (enemy property) उस संपत्ति को कहा जाता है, जिसे उन लोगों द्वारा छोड़ा गया है, जो पाकिस्तान या चीन चले गए हैं और वह अब भारत के नागरिक नहीं हैं। इस बात की जानकारी दें कि शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के अनुसार, शत्रु संपत्ति का तात्पर्य किसी शत्रु, एक शत्रु विषय या शत्रु कंपनी से संबंधित, धारण या प्रबंधित की गई किसी भी संपत्ति से है।


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