जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson’s)कंपनी एक बार फिर विवादों में है। कंपनी के बेबी शैम्पू (baby sampoo) में कुछ ऐसे केमिकल (chemical) पाए गए हैं, जिससे कैंसर (cancer) हो सकता है।
नई दिल्ली: जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson's)कंपनी एक बार फिर विवादों में है। कंपनी के बेबी शैम्पू (baby sampoo) में कुछ ऐसे केमिकल (chemical) पाए गए हैं, जिससे कैंसर (cancer) हो सकता है। हाल ही में खबर आई थी कि बच्चों के हैल्थ केयर प्रोडक्ट्स (health care product) बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson's) के बेबी पाउडर (baby powder) में हानिकारक पदार्थ है जिससे कैंसर जैसी बड़ी बीमारी भी हो सकती है। इसके बाद अब एक और बात सामने आयी कि जॉनसन एंड जॉनसन का शैम्पू भी स्टैन्डर्ड क्वालिटी (Standard quality) के टेस्ट (test) में फेल हो गया है।
शैम्पू के 2 बैच में गड़बड़ी
राजस्थान ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (Drug Control Organization) ने जॉनसन एंड जॉनसन शैम्पू (Johnson & Johnson's sampoo) के 2 बैच में गड़बड़ी पाई है। इस शैंपू में हानिकारक फार्मेल्डिहाइड (Harmful formaldehyde) होने की रिपोर्ट है। राजस्थान ड्रग रेगुलेटर (drug regultor) ने इस शैम्पू के 2 बैच - ‘BB58204' and ‘BB58177'को टेस्ट किया था। जानकारी दें कि ये शैम्पू सितंबर 2021 में एक्सपायर हो जाएंगे।
इस बारे में सचेत करते हुए राजस्थान राज्य के सभी ड्रग्स कंट्रोल अफसरों को ड्रग्स बुलेटिन जारी कर सचेत किया गया है। राजस्थान ड्रग्स कंट्रोलर (Drug Controller) राजाराम शर्मा द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि जॉनसन बेबी शैम्पू (Johnson & Johnson's baby sampoo) के उपरोक्त दोनों बैच मानकों के अनुसार खरे नहीं उतरे हैं, जो कि खरीदारों के लिए नुकसानदेह हैं। इसलिए इस कंपनी के उक्त उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाते हुए बाजार से इसके स्टॉक (stock) को वापस मंगाया जाए। इतना ही नहीं साथ ही वे कंपनी के अन्य बैचों की भी समय-समय पर जांच करें।
क्या है फॉर्मल्डिहाइड
फॉर्मल्डिहाइड (formaldehyde) एक जैविक तत्व (Biological element) है और दुनिया में इसका सालाना 87 लाख टन उत्पादन होता है। इसका उपयोग लकड़ी पर की जाने वाली केमिकल कोटिंग, कपड़ों को सिल्वट से बचाने वाली कोटिंग से लेकर बिजली के उपकरणों, भवन निर्माण सामग्रियों, दरवाजे के पैनल, आदि में होता है। पीईटीएन जैसे विस्फोटक में भी घनत्व बढ़ाकर इसका उपयोग किया जाता है। फॉर्मल्डिहाइड (formaldehyde)के कई उपयोगों को यूरोपीय यूनियन ने प्रतिबधित कर रखा है।
इसके पहले भी काफी बार विवादों में रहा कंपनी
आपको इस बात से अवगत करा दें कि 2018 में अमेरिका में कुछ महिलाओं में जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर (Johnson & Johnson's baby powder)की वजह से ओवेरियन (गर्भाशय) कैंसर के लक्षण मिले थे। मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो महिला के वकीलों ने कहा कि उनके क्लाइंट को बेबी पाउडर (baby powder) में मौजूद अस्बस्ट्स की वजह से ओवेरियन कैंसर हुआ है। वकीलों का कहना है कि बेबी पाउडर में अबस्टस की मौजूदगी साल 1970 से प्रमाणित है। वहीं सुनवाई के बाद कोर्ट ने 22 पीड़ित महिलाओं को 4.69 अरब डॉलर मुआवजे का आदेश दिया था।
वहीं इससे पहले 1982 में भी जॉनसन एंड जॉनसन की एक दवा से कुछ लोगों की मौत हो गई थी। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने 3.1 करोड़ बोतलों को तुरंत वापस लिया था। 2008 में आरोप लगा कि कई उत्पाद में बदूब आ रहे हैं, इस शिकायत के बाद करीब तीन करोड़ यूनिट प्रोडक्स वापस लिए गए।
शैम्पू में फार्मेल्डिहाइड होने से इंकार किया जॉनसन एंड जॉनसन ने
वहीं दूसरी तरफ जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson's)ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा।उन्होंने जॉनसन एंड के जॉनसन के बेबी शैम्पू (baby sampoo) में फार्मेल्डिहाइड होने की रिपोर्ट से इंकार किया। जॉनसन एंड के जॉनसन के प्रवक्ता का कहना हैं कि हम जॉनसन एंड जॉनसन में हानिकारक फार्मेल्डिहाइड (formaldehyde) होने की रिपोर्ट को नहीं मानते। सरकार ने हमें टेस्ट से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी, ना ही ये बताया कि उन्होंने किस तरीके से ये टेस्ट किया है।


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