नया वित्त वर्ष (financial year) 2019-20 शुरू होने के बाद अब हर नया व्हीकल (New vehicle) हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) (High Security Number Plates) के साथ आएगा।
नई दिल्ली : नया वित्त वर्ष (financial year) 2019-20 शुरू होने के बाद अब हर नया व्हीकल (New vehicle) हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) (High Security Number Plates) के साथ आएगा। इस बात से परंतु अवगत करा दें कि ऐसे में कस्टमर्स को इसे पाने के लिए परिवहन विभाग (transport Department) में लाइन लगाकर इंतजार नहीं करना होगा। जानकारी दें कि यह नया नियम 1 अप्रैल 2019 से लागू हो गया है।

दिसंबर 2018 में सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इस नोटिफिकेशन के तहत सभी वाहन निर्माताओं (Vehicle makers) के लिए अप्रैल 2019 से व्हीकल्स हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (Vehicle High Security Registration Plate) के साथ मार्केट में उतारना अनिवार्य किया गया था। यानी अब ग्राहकों को गाड़ियां हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के साथ ही मिलेंगी।
सरकार के वाहन डेटाबेस से जोड़ा जायेगा नंबर प्लेट
1 अप्रैल, 2019 या उस तारीख के बाद बने सभी वाहनों में वाहन निर्माता तीसरे रजिस्ट्रेशन चिन्ह समेत हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की आपूर्ति करेंगे। जिसके बाद डीलर (dealer )उन प्लेटों पर रजिस्ट्रेशन का मार्क (regestration mark) लगाएंगे, और उन्हें वाहन पर लगाया जाएगा। साथ ही इन्हें सरकार के वाहन डेटाबेस से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वाहन चोरी के मामलों में कमी आ सके। इसके अलावा तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क में प्रदूषण (Pollution) की रोकथाम के लिए गाड़ी में इस्तेमाल हो रहे इंधन की कलर कोडिंग (colour coding) की जाएगी, जिसे विंड शील्ड पर लगाया जाएगा।
पांच साल की गारंटी
नए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (High Security Number Plates) पर पांच साल की गारंटी भी दी जाएगी। मिलेगी। इसमें तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क को एक बार निकाले पर यह प्लेट खराब हो जाएगी। वहीं नए वाहनों पर नंबर प्लेट के लिए कोई अतिरिक्त रकम का भुगतान नहीं करना होगा। जबकि पुराने वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने के लिए डीलर से संपर्क करना होगा।
एचएसआरपी में क्या शामिल होगा
इस बात से अवगत करा दें कि एचएसआरपी (hsrp) से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसमें मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम-बेस्ड होलोग्राम स्टिकर ऐसे होंगे कि निकालने पर कोशिश पर खराब हो जाएंगे। इस पर लगे स्टिकर में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ, रजिस्टर अथॉरिटी, लेजर ब्रांडेड परमानेंट नंबर, इंजन और चेसिस नंबर तक की जानकारी होगी। वहीं सुरक्षा लिहाज से नंबर प्लेट में अशोक चक्र (Ashok Chakra) की इमेज के साथ एक होलोग्राम (Hologram) भी होगा।
पहली बार 2005 में आई थी HSRP
बता दें कि 2005 में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (security registration plate) को पहली बार सरकार द्वारा तालिका में लाया गया था और 2012 में सभी वाहनों के लिए अनिवार्य बना दिया गया था। लेकिन सरकार ने वास्तव में इससे पहले इस रजिस्ट्रेशन प्लेट को लागू करने को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए थे।


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