रेल विकास निगम (आरवीएनएल) (RVNL) का आईपीओ (IPO) सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। रेल विकास निगम (Rail Development Corporation ) को इस आईपीओ (ipo) के जरिए करीब 481 रुपये मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: रेल विकास निगम (आरवीएनएल) (RVNL) का आईपीओ (IPO) सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। रेल विकास निगम (Rail Development Corporation ) को इस आईपीओ (ipo) के जरिए करीब 481 रुपये मिलने की उम्मीद है। बता दें कंपनी ने आईपीओ के शेयर (ipo shares) के लिए 17-19 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।
जानकारी दें कि रिटेल निवेशकों (Retail investors) को इसमें 50 पैसे की छूट दी गई है। आईपीओ की लॉट साइज 780 शेयरों की है। इस आईपीओ से करीब 480 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। लिस्टिंग के बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी गिरकर 87.84 फीसदी हो जाएगी।

दिसंबर तक कंपनी के पास 77500 करोड़ रुपये के ऑर्डर
आरवीएनएल (rvnl) का पूरा नाम रेल विकास निगम लिमिटेड (Rail Development Corporation limited ) है। ये रेल मंत्रालय के अधीन मिनी रत्न कंपनी है। आरवीएनएल रेलवे के प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी रेल दोहरीकरण (Rail doubling) और नई लाइन बिछाने (Laying new line) का काम करती है। कंपनी इलेक्ट्रिफिकेशन (Company electrification) और मेट्रो प्रोजेक्ट (metro projects) पर भी काम करती है। दिसंबर तक कंपनी के पास 77500 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। फिलहाल 102 प्रोजेक्ट पर कंपनी का काम जारी है।
एंजेल ब्रोकिंग, आईसीआईसीआई डायरेक्ट, सेंट्रम वेल्थ और हेम सिक्योरिटीज ने आरवीएनएल के आईपीओ में सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। एसएमसी ग्लोबल ने इस आईपीओ को 5 में से 3 स्टार दिए हैं।
शेयर ऑफर साइज
आईपीओ के 17-19 रुपये के प्राइस बैंड (price band) में आरवीएनएल (rvnl) के 2,53,457,280 शेयर ऑफर किए जा रहे हैं। प्राइस बैंड के अपर एंड पर इस इश्यू का आकार 482 करोड़ रुपये का है। यह आईपीओ ऐसे समय बाजार में आ रहा है, जब एक और सरकारी कंपनी एमएसटीसी को निवेशकों की ओर से कमजोर मांग के कारण अपने इश्यू की अवधि बढ़ानी पड़ी। आईपीओ को आखिरकार 1.46 गुना बिड्स मिलीं।
आरवीएनएल का यह ऑफर कंपनी के पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल के 12.12 प्रतिशत के बराबर है। ऑफर प्राइस पर 0.50 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट होगा।
बिजनस एक्टिविटी
यह कंपनी रेलवे प्रोजेक्ट्स (railway projects)पर काम करती है। यह नई लाइनें बनाने, डबलिंग करने, गेज कन्वर्जन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप्स, बड़े पुल, केबल के सहारे वाले पुल और इमारतें बनाने का काम करती है। इनमें नई लाइनें बिछाने और मौजूदा ट्रैक्स के साथ अतिरिक्त लाइनें बनाने के काम से कंपनी की आमदनी का 75 प्रतिशत हिस्सा आता है।


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