Tata ग्रुप एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री करेगा। जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने बुधवार को कहा कि टाटा समूह, सिंगापुर की सरकारी संपत्ति कोष जीआईसी की सहयोगी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी के हवाई अड्डा
नई दिल्ली:Tata ग्रुप एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री करेगा। जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने बुधवार को कहा कि टाटा समूह, सिंगापुर की सरकारी संपत्ति कोष जीआईसी की सहयोगी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी के हवाई अड्डा कारोबार में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इस सौदे के बाद, जीएमआर एयरपोर्ट में जीएमआर इंफ्रा और उसकी सहयोगी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 54 प्रतिशत रह जाएगी। कर्मचारी कल्याण न्यास की 2 प्रतिशत, टाटा समूह के पास करीब 20 प्रतिशत, जीआईसी की करीब 15 प्रतिशत और एसएसजी की करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

8,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे
जानकारी दें कि इसके लेनदेन के तहत, जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर का इरादा मौजूदा निजी इक्विटी निवेशकों को भी बाहर निकालने का है, जिनकी जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड में 5.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जीएमआर इंफ्रा ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी ने निवेशकों (टाटा समूह, जीआईसी और एसएसजी कैपिटल) के साथ बाध्यकारी शर्त समझौते पर हस्ताक्षर किए है। जिसके तहत निवेशक जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।
1,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश शामिल
आठ हजार करोड़ रुपये की राशि में जीएमआर एयरपोर्ट्स में 1,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश शामिल होगा। इसके अलावा जीएमआर इंफ्रा और उसकी अनुषंगी कंपनियों से जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड के इक्विटी शेयर खरीदने के लिए रखे गए 7,000 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
टाटा दो एयलाइंस का भी संचालन करती है
इस बात से भी अवगत करा दें कि टाटा समूह भारत में दो एयरलाइंस चलाता है- विस्तारा और एयरएशिया इंडिया- सिंगापुर एयरलाइंस और एक मलेशियाई कंपनी के साथ एयरएशिया। भारत में निजी हवाई अड्डे मोटे तौर पर जीएमबीआर और उसके प्रतिद्वंद्वी जीवीके पावर और इन्फ्रा के पास हैं। यह मुंबई हवाई अड्डे को चलाते हैं और शहर के दूसरे हवाई अड्डे के भी आर्डर हैं। कनाडा के फेयरफैक्स होल्डिंग्स में जन्मे भारतीय अरबपति प्रेम वत्स बेंगलुरु में हवाई अड्डा चलाते हैं, जिन्होंने इसे जीवीके से खरीदा था।
अडानी ग्रुप भी पिछले महीने एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री कर चुका
देश के दूरदराज के कस्बों और गांवों में एयरफील्ड विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 1 लाख करोड़ रुपए की योजना है। ऐसे में टाटा ग्रुप की एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री अहम है। टाटा दो स्थानीय एयरलाइंस का संचालन भी करती है। पिछले महीने अडानी ग्रुप ने भी 5 एयरपोर्ट- जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरु के संचालन की बिडिंग में जीत हासिल की थी।
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