नई दिल्ली। चुनाव से पहले मोदी सरकार (Modi government ) को दो बड़ी आर्थिक समफलताएं मिली हैं, हालांकि एक जगह उसको झटका भी लगा है। नौकरी को लेकर जारी आंकड़ों में पता चला है कि जनवरी 2019 में रिकॉड बना है। जनवरी के दौरान इतनी नौकरियां मिली हैं जितनी इससे पहले के 17 महीनों में भी नहीं मिली थीं। वहीं सरकार ने 31 मार्च आने से पहले ही अपना विनिवेश का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे उसका फिजिकल डेफिसिट कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन इन अच्छी खबरों के बीच उसे विदेशी रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) की एक रिपोर्ट से झटका लगा है। फिच (Fitch) ने इस रिपोर्ट में भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट (GDP growth rate) का पूर्वानुमान घटा दिया है।

चुनाव पर नइ खबरों का असर
इस चुनाव में बेरोजगारी (Unemployment) एक बड़ा मुद्दा है, ऐसे में एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) की तरफ से जारी आंकड़े उसकी कुछ मदद कर सकते हैं, वहीं फिजिकल डेफिसिट (Physical deficit) कंट्रोल में रखने को सरकार अपनी उपलब्धि के रूप में बता सकती है। लेकिन विदेशी कंपनी फिच की रिपोर्ट को आधार बना कर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो सकता है।
ईपीएफओ (EPFO) की रिपोर्ट
एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के पेरोल डेटा से पता चला है कि जनवरी में फॉर्मल सेक्टर में नेट एप्लॉयमेंट जेनरेशन 8.96 लाख हुआ है। जनवरी में कुल 8.96 लाख लोगों को औपचारिक क्षेत्र में नौकरियां मिलीं। 131 प्रतिशत की बढ़त के साथ आंकड़ा पिछले 17 महीनों में सबसे ज्यादा है। पिछले साल जनवरी में 3.87 लाख EPFO सब्सक्राइबर थे। हालांकि अप्रैल 2018 से उपलब्ध EPFO डेटा उपलब्ध है। लेकिन अगर सितंबर, 2017 से दिसंबर, 2018 के बीच की बात करें तो कुल जॉब डेटा 6.6 प्रतिशत घटकर 67.52 लाख था। जबकि पहले से अनुमानित डेटा 72.32 लाख था। वहीं मार्च 2018 में तेजी से बदलाव हुआ और EPFO सब्सक्रिप्शन में 29,023 मेंबर घट गए।
लक्ष्य से ज्यादा हुआ विनिवेश (Disinvestment)
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक, सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपना विनिवेश (Disinvestment) 80,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य की जगह 5,000 करोड़ रुपये ज्यादा हुआ है। सरकार का दावा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में पहले ही 85,000 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है। अगले साल के लिए डिसइन्वेस्टमेंट (Disinvestment) 90,000 करोड़ तय किया गया है।
फिच (Fitch) ने घटाया जीडीपी (gdp) ग्रोथ रेट का पूर्वानुमान
मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ (GDP growth) अनुमान में कटौती के 3 महीने बाद, अब फिच (Fitch) रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। इसके मुताबिक 2019-20 में जीडीपी (gdp) 7 फीसदी से घटकर 6.8 प्रतिशत हो सकती है। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल दिसंबर में मौजूदा वित्तीय साल में देश की जीडीपी 7.8 से 7.2 प्रतिशत रही थी। रेटिंग्स एजेंसी के मुताबिक, जीडीपी उम्मीद से कम रह सकती है। हालांकि, इसका कहना है कि 2020-21 में जीडीपी एक बार फिर 7 प्रतिशत से ऊपर 7.1 प्रतिशत रह सकती है।
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