नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने सरकार को साफ-साफ बता दिया है कि उसकी महत्वकांक्षी योजना पीएम किसान (PM Kisan) का पैसा उन्हीं किसानों को दिया जा सकता है, जिनका नाम चुनाव घोषणा के पहले अपलोड किया जा चुका हो। चुनाव 2019 की घोषणा के बाद जिन किसानों का नाम पीएम किसान (PM Kisan) पोर्टल पर दर्ज हुआ है, उन किसानों को चुनाव तक पैसा नहीं दिया जा सकता है। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा, लेकिन चुनाव की घोषणा के पहले यानी 10 मार्च 2019 तक 4.74 किसानों का ही इस पोर्टल पर नाम दर्ज हो पाया है। अब सरकार इन्हीं किसानों को पीएम किसान (PM Kisan) योजना की दूसरी किस्ता दे पाएगी।

किसानों का नुकसान
यह योजना गरीब किसानों के लिए थी। जिन किसानों के पास 5 एकड़ से कम जमीन थी, उन किसानों को साल में 3 बार में कुल मिलाकर 6000 रुपये दिया जाना था। लेकिन पीएम किसान (PM Kisan) योजना राजनीति का शिकार बन गई। इस योजना में जहां भाजपा शासित राज्यों ने ज्यादा से ज्यादा किसानों के नाम डाले वहीं अन्य राज्यों ने सुस्ती दिखाई। कुछ राज्यों ने बिल्कुल भी काम नहीं किया। यही कारण है कि 12 करोड़ गरीब किसानों में से इस योजना का लाभ अब केवल 4.74 करोड़ किसानों यानी लगभग एक तिहाई किसानों को ही मिल पाएगा।
चुनाव बाद की स्थिति
चुनाव के बाद दो ही संभावना है कि एक तो मोदी सरकार फिर से सत्ता में लौटे या विपक्ष सरकार बनाएं। अगर मोदी सरकार सत्ता में लौटती है तो यह योजना जैसी ही वैसे ही चलती रहेगी, लेकिन अगर विपक्ष की सरकार आई तो इस पर फैसला वही लेगी। वैसे भी अगली सरकार किसी की भी बने, फाइनल बजट उसे ही लाना है। ऐसे में विपक्ष की सरकार बनने पर इस योजना के पर भी कतरे जा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने दी मंजूरी
सरकारी अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने कृषि मंत्रालय को पहली और दूसरी किस्त के 2000-2000 रुपए पात्र किसानों को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 10 मार्च से पहले पंजीकृत सभी किसानों को दूसरी किस्त और पहली किस्त से वंचित किसानों को पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। अधिकारी के अनुसार, इन 4.74 करोड़ किसानों में से 2.74 करोड़ किसानों को पहली किस्त भी मिल चुकी है। जबकि 2 करोड़ किसान इस योजना से नए जुड़े हैं। इनको इस महीने के अंत तक पहली किस्त के 2000 रुपए मिल जाएंगे। दूसरी किस्त के 2000 रुपये किसानों के खाते में 1 अप्रैल से ट्रांसफर होने शुरू हो जाएंगे।
किसानों के पंजीकरण का कार्य जारी
समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत में अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत देश के करीब 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ दिया जाना है। लेकिन हम मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के लागू होने से पहले 4.74 करोड़ किसानों का पंजीकरण पूरा कर पाए हैं। अन्य किसानों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। इस बार 4.74 करोड़ किसानों को दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपए मिलेंगे।
यहां चेक करें किसान अपना नाम
केन्द्र सरकार ने पीएम-किसान योजना के लिए एक पोर्टल लॉन्च कर दिया। https://www.pmkisan.gov.in/VillageListNew.aspx पर योजना से जुड़े सारे नियम जारी कर दिए गए हैं। इस पोर्टल पर लोकर कोई भी देख सकता है कि वह इस योजना का लाभ पा सकता है या नहीं। बजट में सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की घोषणा की थी। इसी योजना का लाभ देने के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया गया है। राज्य सरकारें इसमें किसानों का नाम डालेंगी। जैसे ही राज्य सरकारें किसानों का नाम इस पोर्टल में डालेंगी संबंधित किसान उसे देख सकेंगे।
सिर्फ इन किसानों को मिलेगा फायदा
पीएम-किसान (PM-Kisan) का फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन हो। किसानों के पास आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जरूरी है। हालांकि बिना आधार के भी पहली किश्त का भुगतान होगा। योजना में किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 1 फरवरी के भूलेख आंकड़ों के आधार पर राशि मिलेगी। योनजा का फायदा लेने के लिए किसानों को शपथ पत्र भी देना होगा। गलत जानकारी देने पर सम्मान राशि की वसूली होगी।
जानें किन किसानों को इस स्कीम का नहीं मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिलेगा, जिनके परिवार का कोई सदस्य सांसद, विधायक या सरकारी नौकरी में होगा। यही नहीं पीएम-किसान (PM-Kisan) का लाभ उन लोगों को भी नहीं मिलेगा जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में इनकम टैक्स दिया होगा। इसके अलावा सरकार ने पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना के दायरे से उन लोगों को भी बाहर कर दिया है, जो प्रोफेशनल काम करते हैं और इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। इसमें डॉक्टर, वकील और अन्य ऐसे ही काम करने वाले प्रोफेशनल शामिल हैं।
इनको भी नहीं मिलेगा फायदा
जो किसान अभी या पहले संवैधानिक पद पर रहे हों उन किसानों को पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना का फायदा नहीं मिलेगा। मौजूदा समय में जिला पंचायत अध्यक्ष और मेयर योजना से बाहर रखे गए है। साथ ही मंत्री, सांसद, विधायक को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर सरकारी कर्मचारी को इसका फायदा नहीं मिलेगा। 10 हजार रुपये से अधिक मासिक पानेवाले पेंशनधारक को भी इस योजना से अलग रखा गया। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट और आयकर भरने वाले इस योजना से बाहर होंगे।


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