जेट एयरवेज को इन दिनों आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते जेट अपने कर्मचारियों को पिछले कुछ महीने से सैलरी नहीं दे पा रही है।
नई दिल्ली : जेट एयरवेज को इन दिनों आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते जेट अपने कर्मचारियों को पिछले कुछ महीने से सैलरी नहीं दे पा रही है। ऐसे में परेशान कर्मचारियों ने इसके समाधान के लिए सरकार से गुजारिश की है। जी हां जेट एयरवेज के पायलट्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु से कंपनी को बचाने के लिए दखल देने और उनका लंबित वेतन जल्दी दिलाने की मांग की है। पायलटों का कहना है कि उनकी स्थिति बहुत खराब हो रही है, वे तनाव में काम कर रहे हैं। कुछ पायलटों का कहना है कि उन्हें अपना घर चलाने के लिए मां के गहने तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि उन्होंने शादी स्थगित कर दी है।

बिना सैलरी के वे अपना परिवार नहीं चला पा रहे
बता दें कि एक अन्य पायलट कैप्टन आसीम वालियानी ने बताया, 'सभी 1100 सदस्यों ने फैसला किया है कि अगर उनकी दो मांगें पूरी नहीं की गई तो एक अप्रैल से विमान उड़ाना बंद कर देंगे। हमें हमारी सैलरी और क्लियर रोड मैप चाहिए। अगर ये मांगें पूरी नहीं होती है तो हम उड़ान बंद कर देंगे।' पायलटों की यूनियन का कहना है कि बिना सैलरी के वे अपना परिवार नहीं चला पा रहे हैं। कैप्टन चोपड़ा ने कहा, 'पायलटों की समस्याओं को हल करें। वे बहुत कष्ट से गुजर रहे हैं।' साथ ही उन्होंने कहा, 'पायलटों को अपनी ईएमआई भरनी होती हैं। बच्चों की शिक्षा है, बुजुर्ग परिजन हैं और अस्पताल के बिल हैं। शादियां स्थगित कर दी गईं।
सैलरी नहीं मिली, तो 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही पायलटों ने यह चेतावनी दी थी कि 31 मार्च तक उनकी पेन्डिंग सैलरी नहीं मिली, तो वे 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे। एनएजी ने अपने लेटर में कहा है कि एयरलाइन आर्थिक रूप से काफी कठिनाई से गुजर रहा है, लेकिन पायलट और इंजीनियरों को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारियों को समय से वेतन मिल रहा है।
260 पायलटों ने स्पाइसजेट से मांगी नौकरी
जानकारी दें कि जेट एयरवेज पर कथित तौर पर एक अरब डॉलर का कर्ज है। एयरलाइन अपने ऋणदाताओं और विमान लाइसेंस का भुगतान भी नहीं कर पा रही है और कई विमानों का संचालन रोक दिया है।
जिसके कारण परेशान कर्मचारियों नौकरी के लिए स्पाइसजेट से संपर्क किया है। इससे पहले इंडिगो ने जेट के पायलटों को लंबित तनख्वाह और अन्य लाभों के साथ मुआवजा देने की बात कहकर लुभाने की कोशिश की थी। इस वजह से कंपनी को अपने ही पायलटों के विरोध का सामना करना पड़ा था। कमांडर कैप्टन करण चोपड़ा ने कहा, 'तनाव का स्तर बढ़ता रहेगा, हम कितनी भी कोशिश कर लें और कितना भी उसे पीछे छोड़ दें। हम पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन हम भी इंसान ही हैं। पायलटों को सैलरी न मिलना एक अनुचित तनाव है और इसका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर ' स्पाइसजेट के सूत्र का कहना है, 'लगभग 260 पायलट, जिसमें 150 कैप्टन शामिल हैं उन्होंने इंटरव्यू मे हिस्सा लिया।
इंडिगो के पास ज्यादातर एयरबस 320 हैं। वहीं स्पाइसजेट के पास बोइंग 737 एस विमान हैं। सूत्र ने बताया कि यह ध्यान देने वाली बात है कि जेट एयरवेज के अधिकांश पायलट प्रशिक्षित और बोइंग विमान उड़ाने के लिए टाइप-रेटेड (संबंधित विमान उड़ाने में दक्ष) हैं।


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